नई दिल्ली, 7 मई (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को अपने निर्वाचन क्षेत्र अमेठी में प्रस्तावित फूड पार्क को रद्द करने के लिए मोदी पर बदले की राजनीति करने का आरोप लगाया।
इस बीच गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बदले की राजनीति करने का सवाल ही नहीं उठता। वहीं मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने अमेठी में विकास कार्य न कराने को लेकर राहुल पर प्रहार करते हुए कहा कि जो काम गांधी परिवार ने दशकों में नहीं किया, उसे मोदी सरकार ने एक साल में कर दिखाया है।
राहुल ने लोकसभा में मोदी के 2014 चुनाव प्रचार के दौरान अमेठी में दिए गए उनके भाषण की याद दिलाते हुए कहा, “उन्होंने कहा था कि वह बदले की राजनीति नहीं बल्कि बदलाव की राजनीति करते हैं।”
उन्होंने कहा, “इस देश में राजनेताओं के लिए वादे महत्वपूर्ण हैं, विशेष रूप से वे वादे जो प्रधानमंत्री द्वारा किए जाते हैं। प्रधानमंत्री को अपना वादा याद रखना चाहिए।”
राहुल ने मोदी को चुनाव प्रचार के दौरान किए अपने वादों को याद करने का अनुरोध करते हुए कहा, “फूड पार्क परियोजना को रद्द किया जा चुका है। फूड पार्क से अमेठी के किसानों की जिंदगी में बड़ा बदलाव आएगा। कृपया इसे रद्द न करें।”
राहुल ने अमेठी के किसानों का हवाला देते हुए कहा कि किसानों ने मात्र दो रुपये में एक किलो आलू बेचे हैं, जबकि आलू चिप्स के छोटे से एक पैकेट की कीमत 10 रुपये है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के अमेठी में 40 उद्योगों की स्थापना होनी थी।
मोदी पर चुटकी लेते हुए राहुल ने कहा, “मैं सूट की बात नहीं कर रहा हूं, आलू की कर रहा हूं।”
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने हालांकि लोकसभा में कहा कि बदले की राजनीति करने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा, “मैं स्वयं किसान परिवार से हूं। संभव है कि कंपनी पार्क के निर्माण से इनकार कर दिया हो।” उन्होंने कहा कि वह इस बारे में राहुल गांधी को सूचित करेंगे।
उधर स्मृति ईरानी ने पार्टी मुख्यालय में कहा कि फूड पार्क की घोषणा 2010 में की गई थी, लेकिन कांग्रेस नेता ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया।
उन्होंने अमेठी और रायबरेली में कमजोर रेल ढांचे के लिए भी गांधी परिवार को जिम्मेदार ठहराया। अमेठी राहुल गांधी और रायबरेली सोनिया गांधी का संसदीय क्षेत्र है।
राहुल ने सदन से बाहर मीडिया से कहा कि फूड पार्क अमेठी और आसपास के जिलों की महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से एक है, क्योंकि इससे किसानों को सीधे अपने उत्पादों को बेचने और अधिक पैसे कमाने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा, “राजनाथ जी ने कहा है कि वह इस मामले को देखेंगे। अब देखते हैं कि उनका क्या जवाब आता है।”
राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा था, “वह बदले की राजनीति नहीं करने जा रहे हैं, मगर उन्होंने तो गुपचुप तरीके से फूड पार्क परियोजना ही रद्द कर दी।”
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