एसओ आशियाना सुधीर पाल ने बताया कि टिकैत राय तालाब कालोनी में आयकर विभाग अधिकारी मोहन सुधाकर रहते थे। उनकी वर्ष 2003 में मौत हो गयी थी। मोहन की आशियाना इलाके में एक जमीन खाली पड़ी थी। उनकी मौत के बाद भाइयों के बीच जमीन की हकदारी को लेकर विवाद शुरू हो गया।
इसी बीच 2013 में तालकटोरा निवासी लोहा कारोबारी विभोर जिंदल और उनकी पत्नी मीनू जिंदल ने एक जालसाज को मोहन सुधाकर के रूप में खड़ा किया और मोहन की जमीन को 50 लाख रुपये में सावित्री नाम की एक महिला को रजिस्ट्री कर दी।
जमीन की फर्जी रजिस्ट्री होने की बात वर्ष 2014 में मोहन के भाई चंद्रमोहन को पता चली। उन्होंने इस मामले में आशियाना थाने में आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई। बुधवार की शाम आशियाना पुलिस ने मीनू को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया, जबकि विभोर और एक जालसाज अभी फरार है।
आशियाना पुलिस का कहना है कि विभोर और उसकी पत्नी ने कुछ साल पहले एक बैंक से भी लाखों रुपये की धोखाधड़ी की थी। इस मामले में उनको जेल भी जाना पड़ा था।
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