अलपुझा, 8 मई (आईएएनएस)। केरल के वेम्बानाड स्थित जल क्रीड़ा केंद्र में आत्महत्या का प्रयास करने वाली भारतीय खेल प्राधिकरण की तीनों खिलाड़ियों की हालत में सुधार हो रहा है। इनकी देखभाल करने वाले एक चिकित्सक ने यह जानकारी दी।
तीनों खिलाड़ियों का यहां मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। कथित तौर पर शराब पीने को लेकर डांटे जाने पर उन्होंने जहरीला फल खा लिया था।
चिकित्सक ने संवाददाताओं से कहा, “आज (शुक्रवार) सुबह उन्होंने हमसे बातचीत की। तीनों में से एक लड़की शिल्पा की हालत थोड़ी गंभीर है, लेकिन उन्होंने भी हमसे बातचीत की। उनकी हालत में सुधार हो रहा है।”
गुरुवार रात यहां पहुंचे भारतीय खेल प्राधिकरण के महानिदेशक ने संवाददाताओं से कहा कि नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में चिकित्सकों के एक विशेषज्ञ दल का गठन किया गया है, जिनके साथ एक हॉटलाइन स्थापित किया गया है।
श्रीनिवास ने कहा, “इलाज प्रोटोकॉल के बारे में जानकारी लेने के बाद उन्होंने (एम्स) संतुष्टि जताई है। यहां के चिकित्सक एम्स के चिकित्सा दल के साथ लगातार संपर्क में हैं।”
बीयर पीने को लेकर खेल केंद्र के अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर बुधवार को चेतावनी दिए जाने के बाद चारों महिला खिलाड़ियों ने एक जहरीला फल खा लिया था। उनमें से एक अपर्णा की गुरुवार तड़के मौत हो गई, जबकि अन्य तीनों का इलाज बुधवार रात से ही चल रहा है।
केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला तीनों खिलाड़ियों को देखने अस्पताल पहुंचे, साथ ही वह अपर्णा के घर भी गए।
चेन्निथला ने कहा, “मामले की जांच में मैंने एक भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी को शामिल करने के लिए कहा है। हर पहलू की जांच होगी।”
अपर्णा की मां ने गृह मंत्री को एक लिखित शिकायत में अपनी बेटी की आत्महत्या के लिए दो वरिष्ठ खिलाड़ियों व एक कोच को जिम्मेदार ठहराया है।
गीता ने कहा, “आठ महीने बाद प्रशिक्षण खत्म करने के बाद मेरी बेटी को नौकरी मिलने वाली थी। वह हमेशा मेरे लिए चिंतित रहती थी और उसने वादा किया था कि नौकरी मिलने के बाद वह मेरा खयाल रखेगी।”
पुलिस ने चारों खिलाड़ियों द्वारा लिखा गया एक सुसाइड नोट बरामद किया है। इसमें उनके साथ प्रताड़ना या रैगिंग के बारे में ऐसा कुछ नहीं लिखा है, लेकिन उसमें लिखा है कि एक छोटी से गलती के लिए उनकी बेहद कड़ी निंदा की गई।
खिलाड़ियों के परिजनों का कहना है कि उनकी बेटियों पर वरिष्ठ खिलाड़ियों व अधिकारियों का बेहद दबाव था।
dharmpath.com dharmpath