पहली बार अमेरिका में होने वाले विश्व एचआईवी मरीजों के सम्मेलन में राज्य से एक थर्ड जेंडर प्रतिनिधित्व करेंगी। वह वहां एचआईवी के 14वें सम्मेलन में लोगों को जागरूक भी करेंगी।
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार, यहां ट्रांस जेंडर मुहिम चलाने के लिए अधिकृत हैं, लेकिन अन्य देशों में थर्ड जेंडर इसके लिए अधिकृत नहीं हैं। इस कारण कोलकाता स्थित अमेरिकी दूतावास ने अमृता का वीजा आवेदन रोक दिया था। इनके भारतीय पासपोर्ट में जेंडर के कॉलम में थर्ड जेंडर होने के कारण ‘टी’ लिखा हुआ था।
गौरतलब है कि अमेरिकी वीजा आवेदन पत्रक में सिर्फ पुरुष या महिला का ही विकल्प है। छत्तीसगढ़ मितवा समिति की अध्यक्ष विद्या राजपूत के अनुसार, थर्ड जेंडर के साथ हमेशा यह परेशानी आती है कि सरकारी दस्तावेजों में थर्ड जेंडर के लिए कोई विकल्प नहीं होता।
उन्होंने कहा कि अमृता सोनी को भी वीजा बनाने में परेशानी आई, पर उनके हौसले और कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार उन्हें वीजा मिल ही गया।
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