मुम्बई, 10 मई (आईएएनएस)। देश के शेयर बाजारों में सोमवार से शुरू होने वाले आगामी कारोबारी सप्ताह में उतार-चढ़ाव की संभावना है।
मुम्बई, 10 मई (आईएएनएस)। देश के शेयर बाजारों में सोमवार से शुरू होने वाले आगामी कारोबारी सप्ताह में उतार-चढ़ाव की संभावना है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, निवेशकों का ध्यान आगामी सप्ताह में न्यूनतम वैकल्पिक कर (एमएटी) से संबंधित मुद्दों, महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों और महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने की सरकार की कोशिश पर टिका रहेगा।
जायफिन एडवाइजर्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी देवेंद्र नेवगी ने आईएएनएस से कहा, “कई मुद्दों पर अनिश्चितता के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव रहने की उम्मीद है। निवेशकों का मुख्य ध्यान न्यूनतम वैकल्पिक कर (एमएटी) से संबंधित मुद्दों पर टिका रहेगा।”
निवेश लाभ पर एमएटी से विदेशी निवेशकों का मार्जिन घट जाने का अनुमान है। इसके कारण निवेशक भारतीय शेयर बाजार में निवेश करने से कतरा रहे हैं।
आठ मई को समाप्त सप्ताह में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजारों में शुद्ध बिकवाली की। उन्होंने शेयर बाजारों में कुल 1.02 अरब डॉलर (6,553.44 करोड़ रुपये) मूल्य के शेयर बेचे।
नेवगी ने कहा, “बाजार पर बजट सत्र का भी महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है। निवेशक प्रमुख विधेयकों को पारित कराने के लिए सरकार की जद्दोजहद पर विशेष निगाह रखेंगे।”
लोकसभा का सत्र पहले शुक्रवार को समाप्त होने वाला था, लेकिन इसे बढ़ाकर बुधवार तक कर दिया गया है। इसी दिन राज्यसभा का सत्र भी पूरा होने वाला है।
माना जा रहा है कि सरकार भूमि अधिग्रहण, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) और विदेशों में जमा काले धन संबंधी विधेयकों को पारित कराने की विशेष कोशिश करेगी।
कोटक सिक्युरिटीज के प्राइवेट क्लाइएंट ग्रुप के प्रमुख दीपेन शाह ने कहा, “आगामी सप्ताह राज्यसभा में जीएसटी विधेयक से संबंधित घटनाक्रम, महंगाई दर के आंकड़े और ग्रीस से संबंधित घटनाक्रमों पर विशेष निगाह रहेगी।”
अमेरिका में बेरोजगारी दर में तेज गिरावट पर फेडरल रिजर्व की प्रतिक्रिया का भी बाजार पर असर रह सकता है।
अमेरिका में रोजगार के बेहतर आंकड़ों के कारण फेडरल रिजर्व जल्द ही ब्याज दर बढ़ाने का फैसला कर सकती है, जिससे निवेशक उभरती अर्थव्यवस्था से अपनी पूंजी निकालकर अमेरिका में निवेश के लिए प्रोत्साहित हो सकते हैं। इसके कारण देश के बाजार में तेज गिरावट देखी जा सकती है।
जियोजीत बीएनपी पारिबा के फंडामेंटल रिसर्च के प्रमुख विनोद नायर ने कहा, “आगामी सप्ताह में चौथी तिमाही परिणामों और महत्वपूर्ण विधेयकों से संबंधित घटनाक्रम बाजार को प्रभावित करेंगे।”
एमएटी से संबंधित मुद्दे, चौथी तिमाही के कमजोर परिणाम, तेल मूल्य में वृद्धि और अमेरिका में रोजगार के बेहतर आंकड़ों के कारण बाजार में बिकवाली का माहौल रहा।
नेवगी ने हालांकि कहा कि पिछले कुछ सप्ताहों की बिकवाली के कारण बाजार में प्रवेश करना अपेक्षाकृत सस्ता हो गया है और घरेलू निवेशक चुन-चुन कर शेयर खरीद रहे हैं।
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