भोपाल, 11 मई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के केंद्रीय जेल के बंदी हुनरमंद हो गए है, वे कूलर से लेकर फर्नीचर तक बनाने लगे हैं। सोमवार को केंद्रीय जेल का निरीक्षण करने पहुंचे जेल मंत्री बाबूलाल गौर ने बंदियों के हुनर को करीब से देखा।
गृह एवं जेल मंत्री गौर ने कहा कि केंद्रीय जेल भोपाल में बंदियों के आचरण में सुधार करने के साथ उन्हें विभिन्न विधाओं का कुशल शिल्पी भी बनाया जा रहा है। इससे केन्द्रीय जेल सुधार-गृह और निर्माण केन्द्र का आकार ले रहा है।
गौर ने बंदियों की रसोई व्यवस्था को देखा और रसोई-घर में साफ -सफाई और रोटी-सब्जी की गुणवत्ता परखने के लिए स्वयं भोजन भी किया। उन्होंने फेब्रिकेशन, वस्त्र बुनाई, कारपेंटर वर्कशप और इनमें तैयार की जा रही सामग्री का निरीक्षण किया।
महानिदेशक जेल ने बताया कि कूलर, लकड़ी के सोफा, टेबल-कुर्सी, दरी, चादर आदि अनेक वस्तुओं का निर्माण केन्द्रीय जेल में हो रहा है। बंदियों को विभिन्न शिल्प का प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि वे हुनरमंद बनें। उन्हें इसका पारिश्रमिक भी दिया जाता है। विभिन्न संस्थाओं की मांग पर उत्पादित सामग्री का विक्रय होता है।
dharmpath.com dharmpath