उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अर्धसैनिक बलों के मौजूदा नियमों में बदलाव की स्वीकृति दे दी है। पहले अस्पताल में भर्ती जवानों को ड्यूटी पर नहीं माना जाता था। हाल ही में सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीवीपी, एसएसबी,सीआईएसएफ और एनएचई जैसे संगठनों में अब अभियान में घायल या किसी बीमारी से अस्पताल में भर्ती जवानों को बतौर ड्यूटी पर माना जाएगा और उन्हें पूरे वेतन का भुगतान किया जाएगा।
ज्ञात हो कि दुर्गम इलाकों में तैनाती के दौरान इन बलों के लोग अभियान या अन्य बीमारी से प्रभावित होकर अस्पताल में भर्ती होते थे तो इनका वेतन काटा जाता था।
गृहमंत्री रामसेवक पैकरा ने कहा कि प्रदेश में भी केंद्र सरकार के इस निर्णय के बाद नक्सल क्षेत्र में तैनात छग पुलिस के जवानों को भी यह लाभ दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जल्दी ही इस संबंध में एक बैठक आयोजित की जा सकती है, जिसमें घायल या बीमार जवान को अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान ड्यूटी पर मानने को लेकर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
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