नई दिल्ली, 12 मई (आईएएनएस)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को ‘टेरी’ के महानिदेशक आर.के. पचौरी से जुड़े यौन उत्पीड़न मामले पर खबर प्रकाशित या प्रसारित करने से एक मीडिया समूह पर रोक लगा दी।
न्यायाधीश बी.डी. अहमद और न्यायाधीश संजीव सचदेव की खंडपीठ ने बेनेट कोलमैन एंड कंपनी लिमिटेड पर 15 मई तक के लिए पचौरी मामले में अदालती कार्यवाही और उनके मामले की जांच कर रही समिति के परिणाम से जुड़ी खबरे प्रकाशित करने पर रोक लगा दी।
अदालत ने मामले को 15 मई तक के लिए स्थगित कर दिया और टेरी की आंतरिक शिकायत समिति को अपनी जांच का खुलासा न करने की हिदायत दी। समिति को जांच के लिए दिए गए तीन महीने की अवधि 16 मई को समाप्त हो रही है।
अदालत ने पचौरी की याचिका पर यह अंतरिम आदेश सुनाया। पचौरी ने एकल पीठ वाली अदालत द्वारा दिए गए इस मामले से जुड़ी खबर प्रकाशित करने की अनुमति वाले आदेश के खिलाफ याचिका दायर की थी।
एकल पीठ वाली अदालत ने 17 फरवरी को इस मामले में खबर प्रकाशित करने पर रोक लगा दी थी, लेकिन अगले ही दिन 18 फरवरी को अदालत ने अपना फैसला संशोधित करते हुए प्रतिबंध हटा लिया था, जिसके खिलाफ पचौरी ने याचिका दायर की थी।
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