सियोल, 13 मई (आईएएनएस)। उत्तर कोरिया ने अपने रक्षा मंत्री को देशद्रोह के अपराध में सरेआम मौत के घाट उतार दिया।
सियोल, 13 मई (आईएएनएस)। उत्तर कोरिया ने अपने रक्षा मंत्री को देशद्रोह के अपराध में सरेआम मौत के घाट उतार दिया।
दक्षिण कोरियाई समाचार एजेंसी योनहप द्वारा बुधवार को जारी रपट के मुताबिक, राष्ट्रीय खुफिया सेवा (एनआईएस) के प्रवक्ता ने कहा है कि हयोन योंग-चोल को 30 अप्रैल को प्योंगयांग के एक सैनिक स्कूल में विमान भेदी तोप से उड़ा दिया गया।
प्रवक्ता ने कहा कि हयोन (60) को उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन के निर्देशों का पालन करने में विफल रहने और एक सैन्य परेड के दौरान सो जाने के लिए उन पर देशद्रोह का आरोप लगाया गया था।
प्रवक्ता ने कहा कि एनआईएस मानता है कि किम ने उदासीन रवैए के लिए उच्च पदस्थ अधिकारियों को मौत के घाट उतारकर राजनीतिक आतंक को बढ़ा दिया है।
इसके कारण उत्तर कोरिया के अधिकारी किम के नेतृत्व पर सवाल खड़े करने लगे हैं। इसके कारण अधिकारियों को मौत के घाट उतारने की घटनाओं में तेजी ही आई है।
मौजूदा शासक किम के पिता किम जोंग-इल ने 2010 में हयोन की प्रोन्नति की थी। उसके बाद उन्होंने जुलाई 2012 और मई 2013 के बीच रक्षा मंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दी।
बाद में उनके स्थान पर किम क्योक-सिक को रक्षा प्रमुख बना दिया गया। लेकिन क्योक-सिक के निधन के बाद किम जोंग-उन ने हयोक को जून, 2014 में फिर से रक्षा मंत्री नियुक्त कर दिया।
एनआईएस के मुताबिक, उत्तर कोरिया इस साल पहले ही 15 अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को मौत के घाट उतार चुका है।
किम जोंग-उन ने 2013 के अंत में अपने चाचा जांग सोंग-थाएक को देशद्रोह के लिए मौत के घाट उतारने का आदेश दिया था। उस समय सोंग-थाएक सरकार में दूसरे सर्वाधिक ताकतवर व्यक्ति थे।
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