वहां ली गई जान, यहां दी गई नई जिंदगी

कोच्चि, 15 मई (आईएएनएस)| अफगानिस्तान में केरल के एक स्थानीय निवासी की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि भारत में अफगानिस्तान के एक नागरिक के हाथों का प्रत्यारोपण किया गया है।

चार्टर्ड अकाउंटेंट मैथ्यू जॉर्ज (69) के परिवार वाले उनकी शव के भारत पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं। बुधवार रात काबुल में आतंकवादियों ने उन्हें गोली मार दी थी।

जॉर्ज तीन साल पहले अपोलो टायर्स कंपनी से सेवानिवृत्त हो गए थे, लेकिन इसके बावजूद वह अफगान सरकार के लिए दिल्ली की अकाउंटिंग कंपनी में ऑडिटिंग का काम करते थे।

जॉर्ज के संबंधी ने यहां मीडिया को बताया, “वह इस साल जनवरी में यहां थे। उन्होंने कहा था कि वह अफगानिस्तान में काम खत्म होने के बाद जून में वापस लौट आएंगे। बुधवार रात, उनके बेटे ने काबुल में तनाव की स्थिति का पता चलने के बाद उनसे बात की। उन्होंने बताया कि वह एक कुर्सी के नीचे छिपे हुए हैं और एक घंटे बाद उनका फोन बंद हो गया। अगली सुबह, भारतीय दूतावास ने यह बताया कि जॉर्ज अब जीवित नहीं है। आतंवागी हमले में उनकी मौत हो गई है।”

उनका शव शुक्रवार को यहां लाया जाएगा, जबकि उनके बेटे के अमेरिका से लौटने के बाद शनिवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर अमृता इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एआईएमएस) में भर्ती अफगानिस्तान की सुरक्षा सैन्यबलों के पूर्व कप्तान अब्दुल रहीम (32) के हाथों का प्रत्यारोपण किया गया है। इस अस्पताल के चिकित्सकों के एक दल ने पिछले महीने डबल प्रत्यारोपण सर्जरी की।

इस चिकित्सक दल के प्रमुख सुब्रह्मण्यम अय्यर ने आईएएनएस को बताया, “मुझे नहीं पता कि क्या रहीम को जॉर्ज की हत्या की जानकारी है। जिंदगी इसी तरह है।”

अय्यर ने कहा कि रहीम एक दुभाषिए की मदद से बात करता है और उसे जल्द ही अस्पताल से छुट्टी मिल जाएगी।

रहीम भूमिगत खानों को ढूंढने और उसे निरस्त करने में महारत हासिल है। दो साल पहले एक खान को निरस्त करते समय उसके दोनों हाथ क्षतिग्रस्त हो गए थे। वह इस साल की शुरुआत में ही भारत आया था और उसे सौभाग्य से प्रत्यारोपण के लिए दानकर्ता भी मिल गया।

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