नई दिल्ली, 16 मई (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी की एक अदालत ने शनिवार को पर्यावरणविद् आर.के.पचौरी की याचिका पर सुनवाई के लिए 21 मई की तारीख मुकर्रर की।
पचौरी ने न्यायालय से उसके उस आदेश में संशोधन करने की मांग की है, जिसके मुताबिक वे ऊर्जा एवं संसाधन संस्थान (टेरी) परिसर में प्रवेश नहीं कर सकते।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राज कुमार त्रिपाठी ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 21 मई मुकर्रर की।
यौन उत्पीड़ने के आरोपों का सामना कर रहे पचौरी वर्तमान में टेरी से छुट्टी पर हैं और न्यायालय के पहले के एक आदेश में संशोधन की मांग करते हुए कार्यालय परिसर में फिर से काम शुरू करने की मंजूरी मांगी है।
पचौरी ने अपनी याचिका में कहा है कि शिकायतकर्ता टेरी परिसर में पदस्थापित नहीं हैं और इसलिए उनसे संपर्क करने या उन्हें प्रभावित करने या धमकाने का सवाल नहीं उठता।
21 मार्च को दिए गए आदेश में संशोधन को लेकर पचौरी ने दिल्ली न्यायालय का रुख किया है। आदेश के मुताबिक, उन्हें जांच पूरी होने तक वे टेरी परिसर में प्रवेश नहीं कर पाएंगे।
शिकायकर्ता ने न्यायालय से कहा कि पचौरी की अग्रिम जमानत के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायलय में एक अपील दाखिल की गई है और उन्होंने आरोपी की याचिका का विरोध किया।
दिल्ली पुलिस ने याचिका का यह कहकर विरोध किया कि मामले की जांच अभी जारी है।
प्राथमिकी में दर्ज शिकायत के आधार पर शिकायकर्ता ने दावा किया है कि सितंबर 2013 में संस्थान में प्रवेश के बाद से पचौरी ने उसका यौन उत्पीड़न शुरू कर दिया। महिला ने पचौरी पर ईमेल और एसएमएस के माध्यम से अश्लील संदेश भेजने का भी आरोप लगाया और फरवरी 2015 में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
पचौरी को 21 मार्च को सशर्त अग्रिम जमानत मिल गई। न्यायालय ने उन्हें निर्देश दिया है कि जांच पूरी होने तक वह टेरी के परिसर में प्रवेश नहीं करेंगे और न्यायालय की मंजूरी के बिना विदेश नहीं जाएंगे।
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