हुनान विश्वविद्यालय से आए प्रो. यू डीजी आईटीएस इंजीनियरिंग कालेज के छात्रों और अध्यापकों से मिलने के बाद उनसे काफी प्रभावित हुए। उन्होंने संस्थान के पठन-पाठन के तरीकों की तारीफ करते हुए उम्मीद जताई कि इससे हुनान विश्वविद्यालय में छात्रों और अध्यापकों को भी लाभ होगा।
प्रो. डीजी ने बताया कि हुनान विश्वविद्यालय चीन में लगभग 120 वर्ष पूर्व स्थापित किया गया था। आज यह विश्वविद्यालय चीन ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व मे अपनी शिक्षा प्रणाली के लिए प्रसिद्ध है।
संस्थान के निदेशक डॉ. विनीत कसंल ने करार के बारे में बताया कि इसके अंतर्गत आईटीएस इंजीनियरिग कालेज के छात्र विश्वस्तरीय शिक्षा एवं स्किल डिवेलपमेंट के लिए चीन जा सकेंगे तथा चीन के विद्यार्थी हमारे संस्थान में आ सकेंगे एवं अपने पठन-पाठन के तरीकों और तकनीकी क्षेत्र में हो रहे आधुनिक आविष्कारों की जानकारियों का अदान-प्रदान करेंगे।
उन्होंने बताया कि संस्थान के शिक्षक चीन जा सकेंगे और हुनान विश्वविधालय के शिक्षक आईटीएस इंजीनियरिंग कॉलेज आ सकेंगे। यही नहीं, तकनीकी शिक्षा के क्षेत्रो मे हो रहे शोध पर भी दोनों संस्थान एक दूसरे को सहयोग करेंगे।
डॉ. कंसल ने आगे बताया कि आईटीएस इंजीनियरिंग कॉलेज का इससे पहले युनाइटेड किंगडम के सुप्रसिद्ध विश्वविद्यालय लीकेस्टर से भी करार हो चुका है।
इस अवसर पर संस्थान में हुनान विश्वविद्यालय से आए अतिथियों का स्वागत किया गया। अतिथियों में वरिष्ठ प्रोफेसर यू डीजी, ऊ यिजया, लु यों जयवी व जाई जुन शामिल थे।
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