तिरुवनंतपुरम, 17 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि भारत में जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र का विकास 30 प्रतिशत की दर से हो रहा है और 2025 तक इस क्षेत्र में भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा देश बन जाएगा।
तिरूवनंतपुरम में रविवार को राजीव गांधी सेंटर फॉर बॉयो टैक्नोलॉजी के बॉयो इनोवेशन सेंटर के प्रथम चरण का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि अगले दस वर्ष में जैव प्रौद्योगिकी उद्योग 100 अरब अमेरिकी डॉलर पर पहुंच जाएगा। इससे न केवल भारतीय औषधि उद्योग के साथ साथ विश्व स्तर पर भी औषधि उद्योग को लाभ पहुंचेगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र पर सक्रिय रूप से निगरानी रख रहे हैं। वैज्ञानिक प्रतिभा को भारत की ओर आकर्षित करने के लिए इस उद्योग को बढ़ावा देना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर केरल के मुख्यमंत्री ओमन चांडी भी उपस्थित थे। हर्षवर्धन ने राष्ट्रीय स्तर पर वैज्ञानिक मानसिकता के प्रसार में केरल सरकार और राज्य के लोगों के योगदान की सराहना की।
हर्षवर्धन ने केरल के राज्यपाल न्यायमूर्ति (सेवा निवृत्त) पी. सदाशिवम से भी भेंट की। उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया कि वे राज्य में विज्ञान और प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थानों में रुचि लें।
स्वदेशी साइंस मूवमेंट, जो विज्ञान भारती का एक हिस्सा है, में राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के सहयोग से हर्षवर्धन के सम्मान में एक बैठक का आयोजन किया। इस अवसर पर हर्षवर्धन ने अपने संबोधन में भारत में अनुसंधान एवं विकास संस्थानों में केरल के योगदान की याद दिलाई। उन्होंने सभी संगठनों से आग्रह किया कि वे अनुसंधान गतिविधियों की संभावनाओं के बारे में समय-समय पर बैठकों का आयोजन करते रहें।
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