कोलकाता, 17 मई (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद बाबुल सुप्रियो की पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ घनिष्ठता पर पार्टी की नेता रूपा गांगुली के विरोध जताने के बाद सुप्रियो का पार्टी के भीतर विरोध बढ़ गया है।
अभिनेता से नेता बने जॉय बनर्जी ने सुप्रियो को चेताया कि वे पार्टी नेता और मंत्री के रूप में संतुलित दृष्टिकोण रखें। जॉय बनर्जी ने पिछले साल आम चुनाव में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था।
जॉय बनर्जी ने कहा, “भाजपा कार्यकर्ता इस घनिष्ठता से असंतुष्ट हैं क्योंकि उन पर हमले किए जा रहे हैं। इस तरह की बैठकों को इस भांति करना चाहिए ताकि पार्टी के कार्यकर्ता व्यथित न हों और सरकारी कामकाज भी प्रभावित न हो।”
वीरभूम लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने वाले जॉय ने कहा, “वह एक चमत्कारी विजेता हैं, लोकसभा चुनाव में हम सभी हार गए थे लेकिन वह जीते। इसीलिए उन्हें अपने दृष्टिकोण को लेकर और सतर्क होना चाहिए और पार्टी नेता और केंद्रीय मंत्री के बीच संतुलित दृष्टिकोण रखना चाहिए।”
जॉय की टिप्पणी तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और केंद्रीय मंत्री के बीच करीबी पर रूपा गांगुली की नाराजगी जताने के एक दिन बाद आई है। रूपा ने शनिवार को कहा था कि क्या सुप्रियो ने मुख्यमंत्री से यह पूछा कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर बार-बार हमले क्यों हो रहे हैं।
रूपा गांगुली ने कहा, “अगर आप मंत्री हैं तो आपको प्रेम से बातचीत करनी होती है और अच्छे से काम करने होता है। लेकिन मैं बाबुल सुप्रियो को एक बार फिर से याद दिला दूं कि भाजपा कार्यकर्ताओं को हमारे राज्य में पीटा जा रहा है।”
सुप्रियो ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कोलकाता के दौरे पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की गाड़ी में यात्रा की थी। उन्होंने ममता बनर्जी के साथ झालमुड़ी भी साझा कर खाई थी।
बाद में ममता बनर्जी ने बाबुल सुप्रियो को ‘मिट्टी का बेटा’ कहा था, वहीं सुप्रियो ने ममता बनर्जी की जमकर तारीफ की थी।
इसके बाद मीडिया के एक वर्ग में और राज्य की विपक्षी पार्टियों में ममता और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के बीच करीबी के कयास लगाए जाने लगे।
पिछले सप्ताह राज्य के दौरे पर गए मोदी ने ममता के साथ दो बैठकें की थीं।
सुप्रियो ने कहा, “जॉय ने सही बात कही है। मंत्री और एक पार्टी नेता के बीच में अंतर है और इसे हमेशा बनाए रखना चाहिए। मैं ऐसा करने का प्रयास कर रहा हूं। इसके अलावा मुझे उनके बयान पर कुछ नहीं कहना है। मैं जानता हूं कि मैं क्या कर रहा हूं और मुझे किसी को मनाने की आवश्यकता नहीं है।”
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