आंदोलन का ऐलान करते हुए संघ के राष्ट्रीय सचिव चौधरी लौटनराम निषाद ने कहा कि कई चुनावों में भाजपा ने राम व निषाद राज की मित्रता का हवाला देकर निषादवंशी समाज को भ्रमित कर वोट हथिया लिया, लेकिन चुनाव के बाद इस समाज को भूलती रही है।
उन्होंने कहा, “निषादवंशी अब भाजपा जैसी तुच्छ जातिवादी पार्टी के झूठे भुलावे में आने वाले नहीं हैं। “
भाजपा द्वारा एकलव्य जयंती मनाने पर प्रतिक्रिया देते हुए निषाद ने कहा कि यदि भाजपा की निषाद राज व वीर एकलव्य में आस्था है तो वह निषाद राज जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय अवकाश व वीर एकलव्य पुरस्कार की घोषणा करवाए।
उन्होंने कहा कि अब निषादवंशीय समाज सहित पिछड़ा व अतिपिछड़ा वर्ग भाजपा के झूठ-फरेब की राजनीति को समझता है और इनके बहकावे व भुलावे में आने वाला नहीं है।
निषाद ने बताया कि 24 मई को गढ़मुक्ते श्वर के ब्रजघाट पर राष्ट्रीय निषाद संघ व अन्य कश्यप निषाद संगठनों के सदस्य जल सत्याग्रह आंदोलन करेंगे। उन्होंने सरकार से मझवार, तुरैहा, गोड़ जाति को परिभाषित कर मल्लाह, केवट, मांझी, धीवर, धीमर, गोड़िया, धुरिया, कहार, रायकवार, बाथम, राजगौड़ आदि जातियों को अनुसूचित जाति की श्रेणी में लाकर आरक्षण देने की मांग की है।
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