नई दिल्ली, 19 मई (आईएएनएस)। आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार ने मंगलवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात के दौरान कहा कि दिल्ली की लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार के कामकाज में उपराज्यपाल दखल दे रहे हैं और अधिकारियों को धमका रहे हैं।
राष्ट्रपति के साथ मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मुलाकात के बाद उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने संवाददाताओं से कहा, “राष्ट्रपति के साथ हमारी मुलाकात अच्छी रही। हमने उन्हें इस बात से अवगत करा दिया है कि उपराज्यपाल दिल्ली को चलाने का प्रयास कर रहे हैं, जैसा उन्होंने राष्ट्रपति शासन के दौरान किया था।”
उन्होंने कहा, “हमने उनसे (राष्ट्रपति) कहा है कि उपराज्यपाल मुख्यमंत्री को बिना संज्ञान में लिए अधिकारियों को निर्देश दे रहे हैं और उन्हें धमका रहे हैं। अगर यही सब चलता रहा, तो लोकतंत्र का क्या होगा?”
सिसोदिया ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति को सूचित किया है कि उनकी आपत्ति के बावजूद जंग ने शकुंतला गामलिन को दिल्ली के कार्यवाहक मुख्य सचिव के रूप में नियुक्ति कर दिया।
सिसोदिया ने कहा कि मुखर्जी ने उन्हें ध्यानपूर्वक सुना और वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति को लेकर जंग तथा आप के बीच टकराव के बारे में विस्तृत विवरण मांगा।
उन्होंने कहा, “इस मुद्दे पर वह (राष्ट्रपति) चिंतित हुए। उन्होंने हमें आश्वस्त किया कि वे इस मुद्दे को देखेंगे।”
इससे पहले नजीब जंग ने मंगलवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात की। माना जा रहा है कि उन्होंने नगर प्रशासन में वरिष्ठ नौकरशाहों की नियुक्ति को लेकर उपजे विवाद से राष्ट्रपति को अवगत कराया।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गामलिन की नियुक्ति पर आपत्ति जताई थी और बिजली कंपनियों के लिए लॉबिंग करने का उनपर आरोप लगाया था।
केजरीवाल ने जंग पर सरकार की अनदेखी करने का आरोप लगाया, वहीं जंग ने कहा कि उन्होंने जो भी फैसले लिए वे संविधान के मुताबिक हैं।
नजीब जंग ने सोमवार को एक चिट्ठी लिखकर प्रधान सचिव (सेवाओं) आनिंदो मजुमदार का अतिरिक्त प्रभार मुख्यमंत्री केजरीवाल के सचिव राजेंद्र कुमार को सौंपने से इनकार कर दिया था।
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