नई दिल्ली, 20 मई (आईएएनएस)। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने बुधवार को राष्ट्रपति भवन में भारतीय पर्वतारोहण फाउंडेशन द्वारा माउंट एवरेस्ट पर भारत की ऐतिहासिक चढ़ाई के स्वर्ण जयंती समारोह का उद्घाटन किया।
आज ही के दिन 20 मई, 1965 को भारतीय पर्वतारोहियों ने यह उपलब्धि हासिल की थी।
इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा, “पिछले वर्षो में भारतीय पर्वतारोहियों ने ऊंची चोटियों पर विजय प्राप्त कर न केवल नाम कमाया है, बल्कि उन्हें सशस्त्र सेना के वीर सैनिकों के रूप में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस में शामिल किया गया।”
मुखर्जी ने कहा, “इनमें से बहुत से सैनिकों ने कारगिल संघर्ष के दौरान वीरता दिखाई और ऊंची पहाड़ियों की रक्षा साहस और शक्ति के साथ की। भारत की पहली माउंट एवरेस्ट विजेता और दुनिया की पहली महिला पर्वतारोही बछेंद्रीपाल की कहानी को पाठ्य पुस्तकों में शामिल किया गया है, जिनसे कई पीढ़ियों को प्रेरणा मिली है।”
राष्ट्रपति ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि पर्वतारोहियों ने महिलाओं को इस क्षेत्र में प्रोत्साहित किया है।
राष्ट्रपति ने इस अवसर पर भारत के ऐतिहासिक अभियान के जीवित सदस्यों को सम्मानित किया और इस अभियान से जुड़े दिवंगत हो चुके सदस्यों के साहस को नमन किया। माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई के दौरान अपनी जान गंवाने वाले पर्वतारोहियों को राष्ट्रपति ने श्रद्धांजलि दी।
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