राजमार्ग पर सफलतापूर्वक उतरा वायुसेना का विमान (लीड-1)

नई दिल्ली/मथुरा, 21 मई (आईएएनएस)। भारतीय वायु सेना (आईएएफ) का लड़ाकू विमान गुरुवार को यमुना एक्सप्रेसवे पर सफलतापूर्वक उतारा गया। आईएएफ ने कहा कि यह लड़ाकू विमानों को राजमार्ग पर उतारने की क्षमता दर्शाने के लिए किया गया अभ्यास था।

वायु सेना के एक अधिकारी ने बताया कि लड़ाकू विमान ने मध्य भारत के एक अड्डे से उड़ान भरी थी। उन्होंने कहा, “आईएएफ आपात स्थितियों में लड़ाकू विमानों को उतारने के लिए राजमार्गो के इस्तेमाल पर विचार कर रहा है। इसी क्षमता का प्रदर्शन वायु सेना ने किया है।”

मिराज-2000 एकल यात्री वाहक रक्षा एवं बहु-उद्देश्यीय लड़ाकू विमान है। फ्रांस में निर्मित एकल इंजन वाले मिराज-2000 की अधिकतम गति 2,495 किलोमीटर प्रति घंटे है। यह 30 मिलीलीटर के दो तोप और मध्यम दूरी के दो मैट्रा सुपर 530डी मिसाइल एवं दो आर-550 मैजिक-2 मिसाइल लेकर उड़ान भरता है।

अधिकारी ने बताया, “लड़ाकू विमान को राजमार्ग पर उतारने का यह एक प्रयोगात्मक अभ्यास था, जिसे 100 मीटर की ऊंचाई से राजमार्ग पर उतारा गया। वायु सेना भविष्य में राजमार्गो पर ऐसे और अधिक स्थानों को चिह्न्ति और वहां अभ्यास करना चाहता है।”

रक्षा विशेषज्ञ एयर मार्शल डी. किलर का कहना है कि दुश्मन के हमले के समय सड़क को भी रनवे बनाना पड़ सकता है। गुरुवार सुबह किया गया प्रयोग इस बात को भी ध्यान में रखकर किया गया है। दूसरे देशों में ऐसे प्रयोग होते रहते हैं, पर भारत में यह पहला मौका है जब सड़क पर लड़ाकू विमान को सफलता पूर्वक उतारा गया है।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में देश के अलग-अलग हिस्सों में उन राजमार्गो को चिन्हित किया जाएगा, जहां आपातकालीन स्थितियों में लड़ाकू विमानों को उतारा जा सकता है। आईएएफ आपात स्थितियों में सड़कों पर लैंडिंग की क्षमता बढ़ाने की योजना के तहत ऐसे परीक्षण कर रहा है।

आईएएफ का लड़ाकू विमान मथुरा से होकर गुजरने वाली यमुना एक्सप्रेसवे पर उतरने के क्रम में कुछ दूरी तक चलकर रुक गया और फिर वहां से दोबारा उड़ान भरी।

करीब 165 किलोमीटर लंबा यमुना एक्सप्रेसवे राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को पर्यटन स्थल मथुरा और आगरा से जोड़ता है।

वायु सेना के अधिकारी ने बताया कि यह अभ्यास आगरा और मथुरा के जिला प्रशासन के संयोजन से किया गया और सुरक्षा के मद्देनजर सभी एहतियाती कदम उठाए गए।

उन्होंने बताया, “अस्थाई हवाई यातायात नियंत्रण, सुरक्षा सेवाएं, बचाव वाहन, पक्षियों को हटाने वाले दल एवं दूसरे जरूरी प्रबंध वायु सेना के आगरा केंद्र के जवानों ने पहले ही कर पूरे कर लिए थे।”

उन्होंने कहा, “इसके बाद यमुना एक्सप्रेसवे के निर्धारित क्षेत्र को लैंडिंग के लिए अमल लाने के हेतु मथुरा एवं आगरा के जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों से बात कर उन्हें अभ्यास में शामिल किया गया था।”

संपूर्ण अभियान उत्तर प्रदेश सरकार, यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण, जे. पी. इंफ्राटेक के टोल अधिकारियों एवं पुलिस की मदद से सफल रहा।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493