काठमांडू, 24 मई (आईएएनएस)। पश्चिमी नेपाल में रविवार को भूस्खलन के कारण काली गंडकी नदी का मार्ग बाधित हो जाने और 25 मकानों के ढहने की घटना के बाद हजारों लोग घर छोड़कर ऊंचाई पर स्थित सुरक्षित जगहों पर जाने लगे हैं।
काठमांडू, 24 मई (आईएएनएस)। पश्चिमी नेपाल में रविवार को भूस्खलन के कारण काली गंडकी नदी का मार्ग बाधित हो जाने और 25 मकानों के ढहने की घटना के बाद हजारों लोग घर छोड़कर ऊंचाई पर स्थित सुरक्षित जगहों पर जाने लगे हैं।
अबतक हालांकि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
नदी का मार्ग बाधित हो जाने का पता सबसे पहले रविवार सुबह म्यागदी जिले के भगवती ग्राम विकास समिति (वीडीसी) में बैसारी गांव में चला।
बैसारी और जिला मुख्यालय बेनी सहित आसपास के क्षेत्रों के नदी के निचले इलाकों जैसे घटन, बेनी बाजार, गलेश्वर और पोखरबागर में घबराए ग्रामीण आधी रात के बाद करीब एक बजे भूस्खलन से नदी का मार्ग बाधित होने के बाद घरों को छोड़कर ऊंचाई वाले इलाकों में जाने लगे हैं।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने और भूस्खलन होने की आशंका के मद्देनजर काली गंडकी नदी के आसपास बसी रिहायशी बस्तियों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है।
हाइड्रोलॉजी एवं मेटरोलॉजी विभाग की बाढ़ पूर्वानुमान शाखा ने सात जिलों-स्यांगजा, परबत, म्यागदी, बागलुंग, गुल्मी, पल्पा और नवलपरसी में अलर्ट घोषित कर दिया है। काली गंडकी इन्ही इलाकों से होकर बहती है।
डिपार्टमेंट ऑफ हाइड्रोलॉजी एंड मेटरोलॉजी (डीएचएम) के महानिदेशक ऋषि राम शर्मा ने कहा कि काली गंडकी में जल का प्रवाह 50 घनमीटर प्रति सेकेंड दर्ज किया गया।
शर्मा ने कहा, “इस गति से 1,18,000 घन फुट पानी एक घंटे में उस झील में जमा हो जाएगा, जो नदी का मार्ग बाधित हो जाने से बना है। नदी का मार्ग बाधित होने के 10 घंटों बाद यहां 18 लाख घन फुट पानी जमा हो जाएगा।”
उन्होंने कहा, “यदि इस जल जमाव की निकासी जल्द ही नहीं की गई, तो नदी क्षेत्र के निचले और ऊंचाई वाले दोनों ही इलाकों के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।”
उन्होंने हालांकि कहा कि भूस्खलन के कारण निर्मित बांध के इतने जल्दी कभी भी टूटने की आशंका यद्यपि नहीं है।
नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी की जियोलॉजिस्ट प्रकृति राज जोशी ने बांध का जायजा लेने के बाद कहा कि बांध में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, क्योंकि सुरक्षाकर्मी जल की निकासी का दूसरा रास्ता नहीं ढूंढ़ पा रहे हैं।
एक सरकारी वेबसाइट ने आधिकारिक चेतावनी जारी करते हुए कहा, “भूस्खलन के कारण काली गंडकी नदी पर बेनी बाजार इलाके से 10 किलोमीटर ऊंचाई पर बांध जैसा बन गया है, जो कभी भी टूट सकता है। निचले इलाकों जैसे गलेश्वर बाजार और बेनी बाजार में रहने वालों को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है।”
उन्होंने कहा, “नदी के निचले क्षेत्र में बसे स्यांगजा, परबत, म्यागदी, बागलुंग, गुल्मी, पल्पा और नवलपरसी जिलों के लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है।”
नेपाल पुलिस ने ट्वीट कर कहा कि भूस्खलन के कारण बने बांध में जलस्तर 150 मीटर तक पहुंच गया है।
म्यागदी के मुख्य जिला अधिकारी टेक बहादुर केसी ने कहा, “हमने लोगों से बेहद सतर्क रहने के लिए और सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा है। नीचे जरा भी पानी बहकर नहीं आ रहा है। हम अभी पूरे नुकसान का अनुमान लगा रहे हैं।”
पुलिस ने बताया कि छह बचावकर्मियों के साथ एक हेलीकॉप्टर को म्यागदी भेजा गया है, जो सुबह 9.40 बजे वहां पहुंच चुका है।
इस बीच प्रधानमंत्री सुशील कोईराला ने गृह मंत्री बामदेव गौतम एवं रक्षा मंत्रालय के संबंधित अधिकारियों को लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
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