कम बिके मंगला आरती टिकट

vishwanathjiवाराणसी। काशी विश्वनाथ मंदिर में भोर की मंगला आरती में दिनों दिन बढ़ती भीड़ ने पुलिस महकमे के माथे पर बल ला दिया है। पुलिस ने जिला प्रशासन का ध्यान इस ओर आकृष्ट करते हुए व्यवस्था चाही है कि मंगला आरती के टिकटों की बिक्री कम से कम की जाए।

एसएसपी अजय मिश्र ने सोमवार को बताया कि कुछ वर्षो में मंगला आरती में श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। पहले सौ लोग आरती में भाग लेते थे, अब यह संख्या हजार पहुंच रही है जबकि स्थान वही है। आरती के दौरान भक्त गर्भगृह के बाहर रहते हैं। बाबा भोलेनाथ का विभिन्न वस्तुओं से श्रृंगार किया जाता है। इस दौरान पानी वगैरह फर्श पर पड़ा रहता है। किसी भी दिन कोई गिरा और वहां भगदड़ मची तो बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता। आरती का समय भी ऐसा है कि सुरक्षा अधिकारी व जवान थोड़े आराम के मूड में होते हैं।

एसएसपी ने बताया कि इस बाबत जिलाधिकारी प्रांजल यादव से बातचीत चल रही है। करोड़ों लोगों की आस्था को ध्यान में रख हम लोग इस प्रयास में हैं कि मंगला आरती के दौरान ऐसी व्यवस्था की जाए ताकि किसी की भावना को ठेस भी न पहुंचे और हादसा की संभावना भी न हो।

गर्भगृह के दर्शन-व्यवस्था पर भी विचार- एसएसपी अजय मिश्र ने बताया कि गर्भगृह में दर्शन की व्यवस्था को भी बदलने के लिए पुलिस-प्रशासन विचार कर रहा है लेकिन श्रद्धालुओं की भावनाओं को कोई ठेस न पहुंचे, इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। एसएसपी अजय मिश्र ने कहा कि प्रतिदिन तीन से चार लाख लोग दर्शन के लिए कतार में खड़े हो रहे हैं लेकिन बाबा के दर्शन लाख, सवा लाख लोग ही कर पा रहे हैं। महाशिवरात्रि पर पेशवाई के दर्शन पूजन के चलते चार घंटे तक आमजन के लिए दर्शन बंद रहेगा। मंगला आरती व अन्य श्रृंगार के लिए कम से कम एक घंटा यानी पांच घंटे तक आम श्रद्धालु बाबा का दर्शन नहीं कर पाएंगे।

उधर गर्भगृह में प्रवेश करने वाले हर श्रद्धालु की चाहत शिवलिंग को छूने की होती है लेकिन माला-फूल से लदे शिवलिंग का दर्शन न होने पर वे रूक जाते हैं। जगह कम होने के कारण दबाव लगातार बढ़ता जाता है। जिलाधिकारी से बात हुई है। पुलिस-प्रशासन विचार कर रहा है कि अन्य मंदिरों की भांति शिवलिंग के दर्शन की इजाजत तो हो लेकिन विशेष परिस्थितियों में उसे छूने की नहीं। इसके लिए हम ऐसी व्यवस्था पर विचार कर रहे हैं कि भक्त एक खुले पाइप में दूध डालें जो सीधे शिवलिंग पर गिरे। इससे समय की बचत होगी और अधिक से अधिक लोग दर्शन कर सकेंगे जैसा कि संकट मोचन, दुर्गा मंदिर, काल भैरव समेत अन्य महत्वपूर्ण मंदिरों में होता है।

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