‘कैश फॉर वोट’ मामले में चंद्रबाबू को घसीटने की योजना

हैदराबाद, 4 जून (आईएएनएस)। तेलंगाना के गृह मंत्री एन.नरसिम्हा रेड्डी जहां यह दावा कर रहे हैं कि सरकार के पास ‘कैश फॉर वोट’ प्रकरण में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन.चंद्रबाबू नायडू के खिलाफ सारे सबूत मौजूद हैं, वहीं अब सारी निगाहें राज्य के भ्रष्टाचार निवारक ब्यूरो (एसीबी) के अगले कदम पर है।

एसीबी ने तेलंगाना के तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के विधायक ए.रेवंथ रेड्डी की हिरासत मांगी है, जिन्हें रविवार को गिरफ्तार किया गया है।

रेवंथ रेड्डी को विधानसभा के एक मनोनीत सदस्य को 50 लाख रुपये रिश्वत की पेशकश करने पर गिरफ्तार किया गया है। यह धनराशि विधान परिषद चुनाव में तेदेपा-भाजपा उम्मीदवार के लिए वोट देने से संबंधित पांच करोड़ रुपये के सौदे के तहत दिया जा रहा था।

जांचकर्ता उनसे तेदेपा प्रमुख के इस स्कैंडल में कथित संलिप्तता को लेकर पूछताछ कर सकते हैं। एसीबी के जासूस उनके ‘बॉस’ के बारे में पूछ सकते हैं, जिसका जिक्र उन्होंने मनोनीत सदस्य के साथ बातचीत में किया था। यह बातचीत खुफिया कैमरे में कैद की गई थी।

तेलंगाना के गृह मंत्री ने दावा किया है कि नायडू ने भी मनोनित सदस्य एल्विस स्टीफन्सन से फोन पर बात की है और पुलिस के पास इस बातचीत का भी रिकार्डेड ऑडियो मौजूद है। उन्होंने कहा कि उनके पास इस बात के भी सबूत मौजूद हैं कि नायडू ने तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के कुछ विधायकों से बातचीत की है।

नरसिम्हा रेड्डी ने रेवंथ रेड्डी को छोटी मछली करार दिया है और कहा कि लोगों के बीच नायडू को मुख्य आरोपी बनाने की मांग बढ़ रही है।

उन्होंने वारंगल जिले में बुधवार को संवाददाताओं से कहा, “आने वाले दिनों में नाटकीय बदलाव देखने को मिलेगा।”

रेवंथ रेड्डी तेलंगाना विधानसभा के सदस्य हैं और उनके सहयोगियों को भी एसीबी ने गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी स्टीफन्सन के घर जाल बिछा कर की गई थी। स्टीफन्सन विधानसभा में एंग्लो-इंडियन समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं।

अगले दिन अदालत ने रेवंथ और दो अन्य को 14 दिनों के न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव की बेटी के. कविता सहित टीआरएस के नेता, कुछ सांसदों ने नायडू को मामले में आरोपी बनाने की मांग की है।

तेलंगाना के सिंचाई मंत्री और चंद्रशेखर राव के भतीजे हरीष राव का कहना है कि इस घटना के पीछे मुख्य हाथ नायडू का है।

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री और मुख्यमंत्री के बेटे के.तारकरामा राव ने कहा कि कानून अपने तरीके से काम करेगा।

तारकरामा राव ने कहा, “अगर कोई प्रथम दृष्टया सबूत मौजूद है, तब नायडू को इसमें शामिल न किए जाने की कोई वजह ही नहीं है।”

उन्होंने कहा कि एसीबी घटना के मुख्य साजिशकर्ता का पता लगाने के लिए बेहद गहराई तक जाएगी।

रेवंथ रेड्डी के लिए जाल तब बिछाया गया जब टीआरएस के नेताओं को पता चला की नायडू टीआरएस के कुछ असंतुष्ट विधायकों को तेदेपा-भाजपा के समर्थन में वोट देने का प्रलोभन दे रहे हैं।

तेदेपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए नायडू तेलंगाना में तेदेपा को तोड़ने को लेकर टीआरएस से बदला लेना चाहते थे। तेदेपा के पांच विधायक पिछले एक साल में टीआरएस में जा चुके हैं।

नायडू द्वारा कुछ विधायकों को प्रलोभित करने की खबर के बाद चंद्रशेखर राव ने धमकी दी थी कि अगर टीआरएस विधान परिषद की अपनी सभी पांच सीटें नहीं जीत पाती है तो वह विधानसभा भंग कर देंगे। टीआरएस सूत्रों के अनुसार, यह धमकी उन विधायकों को दी गई थी जो तेदेपा नेताओं के संपर्क में थे।

आंध्र प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी वाईएसआर कांग्रेस ने नायडू को मामले में आरोपी बनाए जाने की मांग की है। वाईएसआर कांग्रेस के अध्यक्ष वाई.एस.जगनमोहन रेड्डी ने दोनों राज्यों के राज्यपाल ई.एस.एल.नरसिम्हन से मुलाकात कर अपनी मांग रखी।

तेलंगाना और आंध्र प्रदेश दोनों राज्यों में कांग्रेस ने नायडू की भूमिका की जांच की मांग की है।

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