रिश्ते को कलंकित करने वाली यह कहानी मलवां थानांर्तगत गांव तारापुर असवार में लिखी गई। इस घटना के दौरान मृतक की पत्नी को भी गंभीर चोटें लगीं। उसका सदर अस्पताल में उपचार चल रहा है।
घटनाक्रम के मुताबिक, तारापुर असवार गांव के लगभग 40 वर्षीय पुत्तीलाल पुत्र सहादेव का काफी समय से अपने बड़े भाई कल्लू एवं छोटे भाई धर्मेद्र से जायदाद को लेकर रंजिश चल रही थी। पिता की मौत के बाद भाइयों में इस कदर तल्खी बढ़ी कि कुछ माह पूर्व तीनों आपस में भिड़ गए और पुलिस को 107/16 व 151 धारा में चालान करना पड़ा। पुलिस की इस कार्रवाई से कल्लू व धर्मेद्र की पुत्ती से खुन्नस बढ़ गई।
ग्रामीणों के मुताबिक, पूर्व में लगभग समूची जायदाद का बंटवारा तो हो चुका था, मगर ट्रैक्टर का कर्ज व सबमर्सिबल का लगभग 1.40 हजार रुपये का हिसाब नहीं हो पाया था। कुछ पुरानी खुन्नस और उस पर पैसों के लेन-देन का मामला रिश्तों पर ऐसा बना कि धर्मेद्र के ससुर को भी इस मामले में जुड़ना पड़ा।
खबर है कि गुरुवार शाम छह बजे के करीब धर्मेद्र के ससुर ननका ने पहले पुत्तीलाल को फोन किया और फिर कल्लू व धर्मेद्र उसे लिवाने उसके घर पहुंचे। योजित रणनीति के तहत जैसे ही पुत्तीलाल इनके घर के पास पहुंचा, पहले से उसके साथ चल रहे कल्लू ने उस पर चाकू से इतने वार किए कि उसका पूरा शरीर खून से लथपथ हो गया।
पुत्ती के साथ उसकी पत्नी अंशू उर्फ छेद्दी (35) भी थी। बीच-बचाव में वह भी गंभीर रूप से घायल हो गई। पुत्तीलाल की मौके पर मौत हो गई। अंशू जिला अस्पताल में मौत से संघर्ष कर रही है।
घटना को अंजाम देने के बाद कल्लू, धर्मेद्र व मास्टर माइंड ननका मौके से फरार बताया जाता है। समाचार लिखे जाने तक पुलिस किसी भी हत्यारोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई थी।
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