मनामा, 12 जून (आईएएनएस)। बहरीन में 2006 से फंसे एक भारतीय किशोर को शुक्रवार को उसके पिता से मिलवाया जाएगा।
‘गल्फ डेली’ की रपट के मुताबिक, कानूनी दस्तावेजों और पहचान पत्र की कमी के कारण राजा प्रसाद (18) 2006 में बहरीन में ही फंसा रह गया था, जबकि उसके पिता को भारत वापस भेज दिया गया था।
राजा प्रसाद के पिता का विवाह एक श्रीलंकाई महिला के साथ हुआ था। राजा के जन्म के दो साल बाद उसकी मां उसके पिता को छोड़कर चली गई थी। राजा के पास न कोई कानूनी दस्तावेज थे और न ही आधिकारिक जन्म प्रमाण-पत्र। इसी कारण उसकी देश वापसी में देरी हुई।
राजा के पिता उत्तर प्रदेश के हरदोई के रहने वाले हैं। वह 16 साल तक बहरीन में रहे और एक धोबी के रूप में काम करते थे।
माईग्रेंट वर्कर्स प्रोटेक्शन सोसाइटी की मदद से राजा ने बहरीन में अपनी पढ़ाई जारी रखी।
सामाजिक कार्यकर्ता मेहरू वेसूवाला ने कहा, “विभिन्न लोगों ने अलग-अलग समय में राजा की वित्तीय मदद की और उसकी अच्छी तरह देखभाल की।”
भारतीय दूतावास से ‘आउटपास’ मिलने के बाद अब वह घर जा रहा है।
भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने कहा कि इंडियन कम्युनिटी वेलफेयर फंड (आईसीडब्ल्यूएफ) की मदद से उसके लिए विमान का टिकट खरीद लिया गया है।
आईसीडब्ल्यूएफ का गठन प्रवासी भारतीय मामलों के मंत्रालय द्वारा उन 43 देशों में किया गया है, जहां पर भारतीयों की संख्या ज्यादा है।
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