नई दिल्ली, 12 जून (आईएएनएस)। दिग्गज बल्लेबाज राहुल द्रविड ने भारतीय क्रिकेट टीम के डायरेक्टर रवि शास्त्री की जम कर प्रशंसा करते हुए कहा है कि उन्होंने टीम में अब तक की अपनी इस भूमिका को बखूबी निभाया है।
नई दिल्ली, 12 जून (आईएएनएस)। दिग्गज बल्लेबाज राहुल द्रविड ने भारतीय क्रिकेट टीम के डायरेक्टर रवि शास्त्री की जम कर प्रशंसा करते हुए कहा है कि उन्होंने टीम में अब तक की अपनी इस भूमिका को बखूबी निभाया है।
हाल में मीडिया में आई खबरों के अनुसार जारी बांग्लादेश दौरे की समाप्ति के बाद शास्त्री को भारतीय टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया जा सकता है। जिम्बाब्वे के डंकन फ्लेचर का भारतीय टीम के साथ कोच के तौर पर अनुबंध विश्व कप तक था जहां टीम को सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा।
द्रविड ने आईएएनएस से फोन पर साक्षात्कार में कहा, “मैं फिलहाल मीडिया में आई खबरों पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता लेकिन शास्त्री ने अब तक टीम के साथ अच्छा कार्य किया है। वह अगर पूर्णकालिक कोच के तौर पर जिम्मेदारी संभालते हैं तो यह टीम के लिए अच्छा होगा।”
द्रविड के अनुसार, “वह अब तक की अपनी भूमिका में बहुत अच्छे साबित हुए हैं। उनके पास लंबा अनुभव है और लगातार खेलों से जुड़े रहे हैं। उनके पास आधुनिक क्रिकेट की जानकारी है और खिलाड़ी भी ड्रेसिंग रूम में उनकी मौजूदगी को पसंद करते हैं।”
विराट कोहली के बारे में पूछे जाने पर द्रविड ने कहा कि लोगों को अभी नए टेस्ट कप्तान के प्रदर्शन को लेकर संयम बरतने की जरूरत है।
द्रविड के अनुसार, “लोगों को कोहली को लेकर अभी संयम बरतने की जरूरत है। लोगों को उन्हें और समय देना होगा और कोहली समय के साथ कप्तान के तौर पर और परिपक्व होंगे। वह गलतियां करेंगे और उसी से सीख कर कप्तान के तौर पर आगे बढ़ेंगे।”
भारतीय टीम हाल में सीमित ओवरों के खेल में अच्छा प्रदर्शन करने में कामयाब रही है लेकिन टेस्ट प्रारूप और खासकर विदेशी दौरे में टीम का प्रदर्शन ऊपर-नीचे होता रहा है।
द्रविड ने इस बारे में कहा, “टीम जिस समय जो प्रारूप खेल रही है, उसका ध्यान उसे ही जीतने पर होना चाहिए। निश्चित तौर पर विदेशी दौरों पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है लेकिन अहम बात यह है कि आपको हमेशा जीत के लिए खेलना होगा।”
हाल में भारत-ए और अंडर-19 टीम के कोच नियुक्त किए गए द्रविड के अनुसार, “मौजूदा टीम एक बदलाव के दौर से गुजर रही है लेकिन भविष्य में यह और बेहतर बन कर सामने आएगी। यह 1999-2000 के दौर जैसा ही है जब हम कोई भी मैच जीतने में सफल नहीं हो रहे थे। हमने लेकिन इसके लिए प्रयास जारी रखा और आगे चलकर सफल भी हुए।”
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