हरिद्वार, 14 जून (आईएएनएस)। विश्वयोग दिवस (21 जून) के अवसर पर गायत्री तीर्थ शांतिकुंज द्वारा चलाई जा रही भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा से जुड़े करोड़ों विद्यार्थी एवं शिक्षक एक साथ योग करेंगे।
भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा से जुड़े प्राध्यापक एच.पी. सिंह ने बताया कि प्रत्येक वर्ष भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में 48 लाख विद्यार्थी भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा देते हैं। अब तक भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा दे चुके विद्यार्थियों की संख्या करोड़ों की है। गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्या ने इन सभी विद्यार्थियों से विश्वयोग दिवस पर होने वाले सामूहिक योग कार्यक्रम से जुड़ने का आह्वान किया है।
डॉ. पण्ड्या ने कहा कि योग संस्कृति का अभिन्न अंग है। योग के बिना संस्कृति अधूरी है। योग से ही व्यक्ति का व्यक्तित्व निखरता है। विद्यार्थी जीवन के लिए एकाग्रता और निरोगी काया नितांत जरूरी है जो योग से प्राप्त होता है। जीवन में योग का समावेश हो तो विद्यार्थी संस्कृति के संवाहक और संस्कृति-रक्षक बन सकते हैं, चाहे वे किसी भी धर्म या संप्रदाय के क्यों न हों।
डॉ. पण्ड्या ने कहा कि देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के अब तक के पासआउट छात्र-छात्राएं अपने नजदीकी योग आयोजन स्थल पर पहुंचेंगे। ये विद्यार्थी बड़ी संख्या में जन जागरण रैली तथा पर्यावरण संरक्षण के कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेंगे। गायत्री परिवार की ओर से सुबह 6.45 से लेकर 9.30 तक भारत के प्रत्येक जिलों में ये कार्यक्रम संपन्न होंगे।
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