ललित मोदी से सुषमा की निकटता पर कांग्रेस व आप खफा (लीड-1)

नई दिल्ली, 15 जून (आईएएनएस)। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पूर्व प्रमुख ललित मोदी के साथ विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के कथित निकटता पर विपक्षी पार्टी कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) ने सोमवार को सुषमा पर जमकर हमला बोला। वहीं कांग्रेस ने इस मामले में अपनी मांग को दोहराते हुए कहा कि उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

पुर्तगाल जाने के लिए दस्तावेज उपलब्ध कराने में ललित मोदी की मदद करने को लेकर पर सुषमा स्वराज पर हमला जारी रखते हुए कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि इस मामले पर उनकी सफाई पूरी तरह से बनावटी है।

ललित मोदी के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में प्रवर्तन निदेशालय ने नोटिस जारी किया हुआ है।

कांग्रेस नेता पी.एल. पुनिया ने यहां संवाददाताओं से कहा, “सुषमा ने इस मामले में जिस तरह से ललित मोदी की सहायता की है, वह राष्ट्रहित में नहीं है। उनकी सफाई बिल्कुल बनावटी है और यह तथ्यों पर खरी नहीं उतरती। पुर्तगाल के कानून के अनुसार किसी भी सर्जरी के लिए पति के हस्ताक्षर लेना जरूरी नहीं है।”

कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता पुनिया ने आरोप लगाया कि यह मदद सुषमा और मोदी के बीच ‘एक दूसरे को लाभ पहुंचाने’ का मामला है। ललित मोदी 2010 से लंदन में रह रहे हैं।

पुनिया ने कहा, “सुषमा स्वराज और ललित मोदी के बीच परिस्थितियों के आधार पर संपर्क स्थापित हुआ। एक दूसरे को लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया के स्वरूप सुषमा ने ऐसे दागी व्यक्ति का समर्थन किया जो मनी लांड्रिंग और 700 करोड़ रुपये की कर चोरी समेत कई अन्य मामलों में आरोपी है।”

उन्होंने कहा कि तत्कालीन भारत सरकार (मनमोहन के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की सरकार) ने ब्रिटेन से कहा था कि मोदी को विदेश जाने की अनुमति न दी जाए।

उन्होंने कहा, “ललित मोदी को विशेष सहायता प्रदान की गई और 24 घंटो के भीतर पूर्व आईपीएल प्रमुख को विदेश जाने की अनुमति मिल गई।”

कांग्रेस के प्रवक्ता पुनिया ने यह भी आरोप लगाया कि सुषमा का परिवार लंबे समय से ललित मोदी से जुड़ा हुआ है।

उधर, आप ने सोमवार को आईपीएल के पूर्व प्रमुख ललित मोदी को मदद करने के मामले में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से स्पष्टीकरण की मांग की है। मामला पिछले साल जुलाई में ललित मोदी की कैंसर पीड़ित पत्नी के इलाज के लिए पुर्तगाल जाने में उनकी मदद करने से जुड़ा है।

आप नेता कुमार विश्वास ने कहा, “हम उनके इस्तीफे की मांग नहीं कर रहे, लेकिन उन्हें इस पर सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण देना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि ऐसे निर्णय प्रधानमंत्री कार्यालय से सलाह मशविरा किए बिना नहीं लिए जा सकते, “यदि ऐसा नहीं है, तो उन्हें इसपर सफाई देनी चाहिए।”

यह विवाद तब शुरू हुआ, जब ब्रिटिश अखबार ‘संडे टाइम्स’ ने एक रिपोर्ट में कहा कि ब्रिटेन में भारतीय मूल के सबसे लंबे समय से सांसद कीथ वाज और ब्रिटेन की वीजा तथा आव्रजन अधिकारी सारा रैपसन के बीच हुए ईमेल आदान-प्रदान में ललित मोदी को यात्रा दस्तावेज उपलब्ध करवाने में स्वराज के नाम का इस्तेमाल किया गया था।

सुषमा ने रविवार को कहा था कि उन्होंने मानवीय आधार पर मोदी की मदद की थी।

युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता सोमवार को सुषमा के सफदरजंग लेन स्थित आवास पर प्रदर्शन करने जा रहे थे। लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने उनके आवास की ओर जा रही सड़क पर बाड़ लगा दी थी, जिस कारण प्रदर्शनकारियों को उनके घर के पास ही प्रदर्शन करना पड़ा। हालांकि इस दौरान सुषमा घर पर मौजूद नहीं थीं।

प्रदर्शनकारी पोस्टर और बैनर लिए थे, जिनमें सुषमा की आलोचना की गई थी। उन्होंने सुषमा के खिलाफ नारेबाजी भी की और उनका इस्तीफा मांगा। कुछ प्रदर्शनकारी लोहे की बाड़ पर भी चढ़ गए।

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