वाशिंगटन, 17 जून (आईएएनएस)। अमेरिकी प्रतिनिधिसभा ने अमेरिका-भारत-इजरायल राष्ट्रीय सुरक्षा सहयोग बढ़ाने की मांग करने वाले एफवाई2016 इंटेलिजेंस ऑथोराइजेशन एक्ट में एक द्विदलीय संशोधन को पारित कर दिया है।
वाशिंगटन, 17 जून (आईएएनएस)। अमेरिकी प्रतिनिधिसभा ने अमेरिका-भारत-इजरायल राष्ट्रीय सुरक्षा सहयोग बढ़ाने की मांग करने वाले एफवाई2016 इंटेलिजेंस ऑथोराइजेशन एक्ट में एक द्विदलीय संशोधन को पारित कर दिया है।
मंगलवार को पारित हुए संशोधन में अमेरिका, भारत तथा इजरायल राष्ट्रीय सुरक्षा सहयोग में वृद्धि की संभावना पर आधारित नेशनल इंटेलिजेंस के निदेशक के रपट की जरूरत होगी।
इस संशोधन की पेशकश अन्य नेताओं सहित कांग्रेसनल कॉकस ऑन इंडिया एंड इंडियन अमेरिकन्स में डेमोक्रेटिक तथा रिपब्लिकन के सह-अध्यक्ष क्रमश: अमी बेरा और जॉर्ज होल्डिंग ने की।
इसका समर्थन डेमोक्रेटिक कॉकस के उपाध्यक्ष जो क्राउली और सदन की विदेशी मामलों की समिति से जुड़े शीर्ष डेमोक्रेट एलियट एंजल ने किया।
अमेरिकी कांग्रेस में एकमात्र भारतवंशी सदस्य बेरा ने कहा, “अमेरिका के साथ इसके दो महत्वपूर्ण सहयोगी-भारत और इजरायल ने अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद का सामना किया है। सभी देशों का आतंकवाद से लड़ने की अपनी विशेषज्ञता है और ये अपने सूचना और सुझावों को साझा कर हमें लाभान्वित करते हैं।”
बेरा ने कहा, “मध्यपूर्व तथा दक्षिण एशिया के कुछ हिस्सों में मौजूदा अस्थिरता के कारण हमें आतंकवाद के वैश्विक खतरे से लड़ने में सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर साथ काम करना चाहिए।”
होल्डिंग ने कहा, “हमारा देश हर दिन सीमा के अंदर और बाहर से खतरे का सामना कर रहा है।”
क्राउली ने कहा, “दो सिद्ध साझेदारों इजरायल तथा भारत के साथ खुफिया सहयोग को मजबूत कर हम बढ़ रहे खतरे से लड़ने में अपने सहयोग को बढ़ा सकते हैं।”
उन्होंने कहा, “अमेरिका ने भारत और इजरायल के साथ अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा साझेदारी बढ़ाई है, वहीं ऐसे कई क्षेत्र हैं जहां अवसरों को विकसित करने और आगे महत्वपूर्ण संबंध को विस्तार देने की जरूरत है।”
एंजल ने कहा, “यह जरूरी है कि हम लोकतांत्रिक सरकारों के बीच सहयोग को बढ़ावा दें, विशेषकर वहां जहां लोकतंत्र काफी कम पैमाने पर है। इस संदर्भ में इजरायल और भारत अमेरिका के स्वभाविक साझेदार हैं।”
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