ब्रिक्स बैंक वैश्विक संस्थानों का पूरक : पुतिन

सेंट पीटर्सबर्ग, 20 जून (आईएएनएस)। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि 100 अरब डॉलर की पूंजी से पांच देशों द्वारा स्थापित ब्रिक्स बैंक मौजूदा बहुपक्षीय संस्थानों के लिए चुनौती नहीं होगा।

सेंट पीटर्सबर्ग, 20 जून (आईएएनएस)। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि 100 अरब डॉलर की पूंजी से पांच देशों द्वारा स्थापित ब्रिक्स बैंक मौजूदा बहुपक्षीय संस्थानों के लिए चुनौती नहीं होगा।

पुतिन ने यहां कई समाचार एजेंसियों के संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि इस बैंक की स्थापना के पीछे की मंशा मौजूदा वैश्विक वित्तीय संस्थानों का स्थान लेने की नहीं, बल्कि इनके पूरक बनने की है।

उन्होंने कहा कि हालांकि विश्व व्यापार संगठन जैसी संस्था खत्म होने के कगार पर पहुंच गई है। 100 अरब डॉलर की पूंजी के साथ नए डेवलपमेंट बैंक की स्थापना करने वाले सभी पांचों देशों के विश्व बैंक और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के साथ अच्छे संबंध हैं। इन्होंने रूस और अन्य देशों का विकास करने में मदद करने की इच्छा जताई है।

ब्रिक्स में शामिल पांच देश ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका हैं।

इस बैंक का मुख्यालय चीन के शंघाई में होगा और आईसीआईसीआई बैंक के गैर कार्यकारी अध्यक्ष के.वी.कामत इसके प्रमुख होंगे। कामत इंफोसिस के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

जब नए विकास बैंक और ब्रिक्स बैंक की घोषणा की गई तो इसे अमेरिका के आधिपत्य वाले विश्व बैंक के विकल्प के तौर पर देखा गया था। इस बैंक को स्थापित करने का उद्देश्य पांचों देशों में बड़े वित्तीय और विकास सहयोग को प्रोत्साहित करना है।

इस बातचीत के दौरान पुतिन ने यूक्रेन संकट सहित विभिन्न विषयों पर बात की। उन्होंने यूक्रेन संकट पर कहा कि इसके लिए टकराव की राजनीति की तुलना में राजनीतिक समाधान की जरूत है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन के राष्ट्रपति को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से समर्थन की जरूरत है ताकि वह देश के कट्टरपंथियों किनारे लगा सकें, जो कि मिंस्क समझौते का विरोधा कर रहे हैं।

रूस और यूक्रेन के बीच हुए मिंस्क समझौते से तीन अलगाववादी प्रातों की समस्याओं का शांतिपूर्ण समाधान प्राप्त हुआ है। पश्चिमी देशों ने रूस पर क्षेत्र में विद्रोह भड़काने का आरोप लगाया है।

जब एक कनाडाई पत्रकार ने पुतिन से कहा कि कनाडा के प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर ने यूक्रेन पर रूस के खिलाफ एक सख्त रुख लिया है, और कहा था कि इस देश को आठ देशों के समूह में वापस नहीं लौटने दिया जाना चाहिए, तो इस पर पुतिन ने कहा कि यदि अमेरिका कहे कि रूस को समूह में शामिल होने की दिया जाए तो कनाडाई प्रधानमंत्री को यकीनन अपना रुख बदलना होगा।

पुतिन ने कहा, “वह क्यूबा के साथ अमेरिका के सामान्य संबंधों के लिए उनका स्वागत करते हैं। यह एक सही कदम है। इससे रूस के अमेरिका और क्यूबा के साथ संबंध नहीं बिगड़ेंगे।”

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