कोलकाता, 24 जून (आईएएनएस)। मिशनरीज ऑफ चैरिटी की पूर्व संचालक सिस्टर निर्मला के अंतिम संस्कार में बुधवार को भारी बारिश के बावजूद सैकड़ों भारतीय और विदेशी नागरिक शामिल हुए।
अंतिम संस्कार से पहले उनके पार्थिव शरीर को आम जनता के अंतिम दर्शन के लिए मिशनरीज ऑफ चैरिटी के वैश्विक मुख्यालय मदर हाउस में रखा गया था।
मदर टेरेसा की उत्तराधिकारी और मिशनरीज ऑफ चैरिटी की सुपिरियर जनरल सिस्टर निर्मला का मंगलवार को कोलकाता (सियालदाह) में निधन हो गया था। वह बहुत समय से बीमार थीं।
कोलकाता में बुधवार को भारी बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में लोग मदर हाउस में सिस्टर निर्मला को अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
सिस्टर निर्मला के पार्थिव शरीर को फूलों से सजे कांच के ताबूत में रखकर मदर टेरेसा के संगमरमर के मकबरे के पास रखा गया था, जहां कड़ी सुरक्षा के बीच संस्था की ननों सहित 250 के करीब लोगों ने प्रार्थना गीत गाते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।
संस्था की वरिष्ठ सदस्यों ने भी ताबूत पर फूल चढ़ाकर प्रिय सहयोगी सिस्टर निर्मला को श्रद्धांजलि दी।
संस्था की 83 वर्षीया नन बी. कॉलिंस ने आईएएनएस को बताया, “वह हमेशा मुस्कुराती रहती थीं और सबकी मदद के लिए तैयार रहती थीं। मैं उनके लिए रो कैसे सकती हूं। उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी जी और मानवता के लिए काम किया।”
सिस्टर निर्मला का जन्म 1934 में झारखंड की राजधानी रांची में एक हिंदू ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उन्होंने 1958 में ईसाई धर्म अपना लिया था और मदर टेरेसा के मानवता के कार्यो से प्रेरित होकर मिशनरीज ऑफ चैरिटी में शामिल हो गई थीं।
भारत सरकार ने 2009 में सिस्टर निर्मला को देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से विभूषित किया था।
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