रायपुर, 24 जून (आईएएनएस/वीएनएस)। राजधानी से महज 16 किलोमीटर दूर स्थित नंदनवन में बुधवार को एक काले हिरण की मौत हो गई। इसके साथ ही पिछले 15 दिनों के दौरान यहां अबतक नौ काले हिरणों की मौत हो चुकी है। काले हिरण दुर्लभ वन प्राणियों की श्रेणी में शामिल हैं।
रायपुर, 24 जून (आईएएनएस/वीएनएस)। राजधानी से महज 16 किलोमीटर दूर स्थित नंदनवन में बुधवार को एक काले हिरण की मौत हो गई। इसके साथ ही पिछले 15 दिनों के दौरान यहां अबतक नौ काले हिरणों की मौत हो चुकी है। काले हिरण दुर्लभ वन प्राणियों की श्रेणी में शामिल हैं।
नंदनवन जू के वेटनरी चिकित्सक जय किशोर जाड़िया ने नौ काले हिरणों की मौत की पुष्टि की और कहा कि हिरणों की मौत किस बीमारी से हुई है, इसका पता फिलहाल नहीं चल पाया है।
जाड़िया ने बताया कि नंदनवन में हुए हिरणों की मौत की जांच एवं परीक्षण के लिए भारतीय पशु चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान बरेली एवं देहरादून से विशेषज्ञों की टीम रायपुर आ रही है।
उन्होंने बताया कि नंदनवन में हिरणों की मौत का सिलसिला पखवाड़ेभर से जारी है। बुधवार सुबह भी एक काले हिरण की मौत हो गई।
जाड़िया ने बताया कि मंगलवार को मृत हुए हिरण का पोस्टमार्टम नंदनवन प्रबंधन ने कामधेनु विश्वविद्यालय अंजोरा के पशु चिकित्सकों की टीम से कराया था। लेकिन मौत की स्पष्ट वजह सामने नहीं आ सकी।
उन्होंने कहा कि वायरस, बैक्टीरिया और एंथ्रेक्स से हिरण की मौत नहीं हुई।
जाड़िया के अनुसार, मृत सभी काले हिरणों की उम्र छह से आठ साल है। इन काले हिरणों को चार साल पहले 2012 में दिल्ली चिड़ियाघर प्राधिकरण से नंदनवन लाया गया था।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में स्थित कानन पेंडारी चिड़ियाघर में पिछले साल जनवरी महीने में 22 मादा चीतलों की मौत हो गई थी। इसमें चीलतों की मौत के लिए एंथ्रेक्स को कारण बताया गया था।
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