प्रदूषण मुक्त इस उद्योग में लगभग दो सौ स्थानीय लोगों को रोजगार मिला है। छत्तीसगढ़ अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण केडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एस.के. शुक्ल भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री से गुरुवार को यहां उनके निवास कार्यालय में इस उद्योग के संचालक द्वय कंवलजीत सिंह खुराना और शक्ति कुमार दुबे ने मुलाकात की। उन्होंने डॉ. रमन सिंह को बताया कि प्रदेश सरकार के सहयोग से और छत्तीसगढ़ अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) के तकनीकी मार्गदर्शन में इस उद्योग की स्थापना की गई है।
उन्होंने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ सहित झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश से सौर पैनलों के लिए उनकी फैक्ट्री में लगातार डिमांड आ रही है। ग्राम डिघारी में लगभग दस करोड़ रुपए की लागत से सवा चार एकड़ भूमि पर यह इकाई स्थापित की गयी है। इसकी उत्पादन क्षमता के बारे में उन्होंने बताया कि यहां 30 मेगावाट सौर बिजली पैदा करने के लिए लगने वाले सोलर पेनल प्रति वर्ष तैयार किए जाएंगे। इसकी क्षमता में विस्तार करने की योजना है।
प्रदेश के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के प्रशिक्षित 40 युवाओं के साथ-साथ कुछ इंजीनियरों और अधिकांश स्थानीय लोगों को भी उनकी यूनिट में रोजगार मिला है। इस निर्माण इकाई में तीन पालियों में काम हो रहा है। एक पाली में लगभग 60 लोग काम करते हैं।
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