वाशिंगटन, 26 जून (आईएएनएस)। अमेरिका में लुसियाना राज्य के गवर्नर बॉबी जिंदल राष्ट्रपति चुनाव के अभियान में खुद को भारत से अलग रखने वाली अपनी टिप्पणियों को लेकर ट्विटर पर आलोचनाओं से घिर गए हैं।
वाशिंगटन, 26 जून (आईएएनएस)। अमेरिका में लुसियाना राज्य के गवर्नर बॉबी जिंदल राष्ट्रपति चुनाव के अभियान में खुद को भारत से अलग रखने वाली अपनी टिप्पणियों को लेकर ट्विटर पर आलोचनाओं से घिर गए हैं।
जिंदल के यह कहने पर कि वह भारतवंशी अमेरिकी नहीं, बल्कि अमेरिकी कहलाना पसंद करते हैं, अमेरिका तथा भारत में लोग उनका मजाक उड़ा रहे हैं। वे ट्विटर पर ‘बॉबी जिंदल सो व्हाइट’ हैश टैग के साथ पोस्ट डाल रहे हैं।
भारतवंशी स्टैंड अप कॉमेडियन हरी कोंडाबोलु और आसिफ मांडवी उन्हें लेकर चुटकुले बना रहे हैं।
कोंडाबोलु ने हैशटैग ‘बॉबी जिंदल सो व्हाइट’ के साथ लिखा कि वह अपना नाम ही गलत बुलाते हैं। वह अपना नाम ठीक से नहीं बोल पाते।
इसके अलावा उन्होंने लिखा कि जब बॉबी जिंदल ब्राउन यूनिवर्सिटी पहुंचे, तो वह बहुत असहज महसूस करने लगे।
इधर, भारतवंशी प्रवासियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मांडवी ने ट्वीट किया कि बॉबी जिंदल को हाई स्कूल में बहुत कम अंक मिले थे।
हालांकि ट्विटर उपयोगकर्ता प्रियंका मंथा ने कहा कि बॉबी ने इतिहास बनाया कि क्योंकि वह पहले पूर्व भारतीय अमेरिकी हैं, जो राष्ट्रपति पद के लिए मैदान में हैं।
यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया रिवरसाइड पब्लिक पॉलिसी में प्राध्यापक कार्तिक रामकृष्णन ने एनबीसी से कहा, “बॉबी ने हर मुद्दे पर यह दिखाने की कोशिश की कि उनकी राय एशियाई अमेरिकियों से अलग है।”
हफिंग्टन पोस्ट के लेव राफेल ने जिंदल के बयान पर आश्चर्य व्यक्त किया, जिसमें उन्होंने कहा था, “मैं भारतवंशी अमेरिकी सुन कर थक गया हूं। मैं अफ्रीकी-अमेरिकी नहीं, न ही भारतवंशी-अमेरिकी हूं। न ही एशियाई-अमेरिकी हूं। मैं सिर्फ अमेरिकी हूं।”
हालांकि, न्यूयार्क पोस्ट के एक लेखक जिंदल के बचाव में आ गए।
उन्होंने लिखा, “जिंदल इस तरह का रवैया इसलिए अपना रहे हैं, क्योंकि वह अमेरिका की एकजुटता और वादे की वकालत करते हैं।”
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