नई दिल्ली, 26 जून (आईएएनएस/इंडियास्पेंड)। देश में नशीले पदार्थो (ड्रग) की जब्ती 2011 से 2013 तक की तीन साल की अवधि में 455 फीसदी बढ़ी है। यह जानकारी सरकार द्वारा संसद में जारी एक आंकड़े में दी गई है।
नई दिल्ली, 26 जून (आईएएनएस/इंडियास्पेंड)। देश में नशीले पदार्थो (ड्रग) की जब्ती 2011 से 2013 तक की तीन साल की अवधि में 455 फीसदी बढ़ी है। यह जानकारी सरकार द्वारा संसद में जारी एक आंकड़े में दी गई है।
संयुक्त राष्ट्र 26 जून को नशीला पदार्थ उपयोग और इसकी अवैध तस्करी के विरुद्ध अंतर्राष्ट्रीय दिवस के तौर पर मनाता है।
अधिकारियों ने इस दौरान 1,05,173 टन अवैध नशीले पदार्थ जब्त किए हैं।
वर्ल्ड ड्रग रपट 2014 के मुताबिक, भारत दक्षिण पूर्व एशिया और दक्षिण पश्चिम एशिया के अवैध अफीम का एक प्रमुख बाजार है।
2004 के एक आंकड़े के मुताबिक, देश में अनुमानत: 1.07 करोड़ लोग नशीले पदार्थो का उपयोग करते हैं। यूएन ऑफिस ऑफ ड्रग्स एंड क्राइम और भारत के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा कराए गए राष्ट्रीय सर्वेक्षण रपट के मुताबिक, 87 लाख लोग भांग का और 20 लाख लोग अफीम का उपयोग करते हैं।
मिजोरम, पंजाब और मणिपुर में नशे की लत के सर्वाधिक मामले दर्ज किए जाते हैं।
गत चार साल में मिजोरम से सर्वाधिक 48,209 टन नशीले पदार्थ जब्त किए गए। उसके बाद पंजाब से 39,064 टन नशीले पदार्थ जब्त किए गए।
जब्त किए गए पदार्थो में मुख्यत: एंफीटामाइन, भांग, कोकीन, एफीड्राइन, गांजा, हशीश, हेरोइन, केटामाइन, लिसर्जिक एसिड डाईथाईलामाइड (एलएसडी), एसिटिक एनहाइड्राइड, मिथाईलीन डाईऑक्साइड-एन-मिथाइलएंफीटामाइन (एमडीएमए), मेथाएंफीटामाइन, मेथाक्वोलोन, मोर्फीन और अफीम शामिल हैं।
गत चार सालों में नशीले पदार्थो की तस्करी के 64,737 मामले दर्ज किए गए, जिसमें से सर्वाधिक 21,549 मामले पंजाब में दर्ज किए गए।
सरकारी रपट के मुताबिक, पंजाब में 67 फीसदी ग्रामीण परिवारों में कम से कम एक व्यक्ति नशीले पदार्थो की लत का शिकार है।
मणिपुर में अनुमानित 45-50 हजार लोग लत के शिकार हैं। इनमें से आधे इजेक्शन के जरिए नशा लेते हैं।
अध्ययनों के मुताबिक, नशे के आदी 12 फीसदी लोगों की उम्र 15 वर्ष से कम, 31 फीसदी की उम्र 16 से 25 वर्ष के बीच और 56 फीसदी की उम्र 25 से 35 वर्ष के बीच है।
गत चार साल में देश में 64,302 लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है, जिसमें विदेशी भी शामिल हैं।
विदेशियों में सर्वाधिक संख्या नेपालियों की 266, नाइजीरियाइयों की 210 और म्यांमार के नागरिकों की 96 है।
जहां तक तस्करी की बात है, तो बांग्लादेश से लगी सीमा पर सर्वाधिक 1,607, नेपाल की सीमा पर 779, म्यांमार से लगी सीमा पर 317 और पाकिस्तान की सीमा पर 120 मामले दर्ज किए गए हैं।
(आंकड़ा आधारित, गैर लाभकारी, लोकहित पत्रकारिता मंच, इंडियास्पेंड के साथ एक व्यवस्था के तहत। यहां प्रस्तुत विचार लेखक के अपने हैं।)
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