अगरतला, 30 जून (आईएएनएस)। त्रिपुरा में सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने विधानसभा की दो सीटों के लिए कराए गए उपचुनाव में बड़े अंतर से जीत दर्ज की है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दूसरे तथा कांग्रेस तीसरे स्थान पर रही।
उपचुनाव के लिए मतदान शनिवार को कराए गए थे।
अधिकारियों ने बताया कि माकपा ने लगातार नौवीं बार प्रतापगढ़ विधानसभा सीट पर जीत दर्ज की, जबकि सुरमा विधानसभा सीट पर यह माकपा की लगातार आठवीं बार जीत है।
माकपा के राज्य सचिव और केंद्रीय कमेटी के सदस्य बिजान धार ने आईएएनएस को बताया, “मतदाताओं ने माकपा को वाम मोर्चे के सुशासन के कारण समर्थन दिया। त्रिपुरा में हमारी जीत आगे के चुनावों में भी जारी रहेगी।”
प्रतापगढ़ सीट से रामू दास ने भाजपा की उम्मीदवार मौसमी दास को 17,326 वोटों से हराया। माकपा को 27,555 वोट, भाजपा को 10,229 जबकि कांग्रेस के रणजीत कुमार दास को 5,187 वोट मिले।
इधर, सुरमा में माकपा के अंजन दास ने भाजपा के आशीष दास को 15,309 वोटों से हराया। माकपा को 23,275, भाजपा को 7,966 तथा कांग्रेस के नागेंद्र चंद्र विश्वास को 2,528 वोट मिले।
यह परिणाम त्रिपुरा में कांग्रेस समर्थकों की संख्या में बड़ी गिरावट दिखा रहा है। इसके पारंपरिक मतदाता भाजपा और वाम मोर्चे की तरफ चले गए हैं।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुचिंद्र दासगुप्ता ने दोनों सीटों पर भाजपा को हासिल मतों की संख्या में वृद्धि पर खुशी जताते हुए आईएएनएस से कहा, “भाजपा त्रिपुरा में अब मुख्य विपक्षी पार्टी होगी और 2018 विधानसभा चुनाव में पार्टी को जीत मिलेगी।”
दोनों सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं।
फरवरी, 2013 में माकपा उम्मीदवारों ने प्रतापगढ़ सीट 2,312 और सुरमा को 1,862 वोटों से जीता था।
माकपा नेता और पूर्व मंत्री अनिल सरकार (प्रतापगढ़) और पूर्व मंत्री सुधीर दास (सुरमा) के निधन के कारण यहां उपचुनाव अनिवार्य हो गया था।
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