नई दिल्ली, 2 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने एयर इंडिया के एक विमान की उड़ान में देरी कराने के विवाद पर चुप्पी तोड़ते हुए गुरुवार को स्पष्ट किया कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं थी कि लगभग सप्ताह भर पहले हुई इस घटना में उड़ान के आखिरी क्षणों में उन्हें तथा उनके सहयोगी को विमान में सीट उपलब्ध कराने के लिए तीन यात्रियों को विमान से उतार दिया गया।
रिजिजू ने दार्जिलिंग से आईएएनएस को बताया, “आमतौर पर मैं जब भी किसी आधिकारिक काम के सिलसिले में कहीं जाता हूं तो मुझे मेरे सभी यात्रा प्रबंधनों के बारे में सूचित किया जाता है। लेकिन इस घटना के लिए मैं जिम्मेदार नहीं हूं, क्योंकि लेह प्रशासन ने मुझे इसके बारे में सूचित नहीं किया था कि वे विमान में मेरा प्रबंधन कराने के लिए बदलाव कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा, “यह साफ है कि यदि मुझे इन बदलावों के बारे में बताया जाता, जिनसे यात्रियों को समस्याएं हुई हैं तो मैं इसे होने से रोक सकता था।”
रिजिजू सिंधु दर्शन समारोह में हिस्सा लेने के लिए 24 जून को लेह में थे। लेकिन खराब मौसम की वजह से जिस हेलीकॉप्टर में वह सवार थे, वह उड़ान नहीं भर सका और आखिरी समय में उन्हें तथा उनके सहयोगी के लिए एयर इंडिया की उड़ान संख्या 446 में इंतजाम किया गया।
इस सप्ताह की शुरुआत में मुंबई से न्यूयॉर्क जाने वाली एयर इंडिया के विमान में भी कथित तौर से लगभग घंटे भर की देरी की गई। इस विमान में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सवार थे। यह देरी कथित तौर पर उनके एक सहयोगी को इसमें सीट दिलाने के लिए की गई थी। हालांकि, फडणवीस ने इस तरह की घटना से इंकार किया, लेकिन एयर इंडिया ने इस खबर की पुष्टि की थी।
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