मुंबई, 3 जुलाई (आईएएनएस)। अमर भारतीय चिकित्सक और भारत-चीन दोस्ती के अगुआ द्वारकानाथ शांताराम कोटणीस की बहन मनोरमा एस. कोटणीस नहीं रहीं। उनके एक परिजन ने शुक्रवार को बताया कि मनोरमा ने अंतिम सांस मुंबई उपनगर स्थित अपने घर में ली।
मनोरमा (94) के चचेरे भाई श्रीकांत कोटणीस ने बताया कि उनका निधन गुरुवार देर रात विले पार्ले स्थित उनके आवास पर हुआ।
पूर्व कांग्रेस विधायक कृष्णा हेगड़े ने बताया कि मनोरमा का अंतिम संस्कार शुक्रवार सुबह एक शवदाह गृह में हुआ।
चीन के राष्ट्रापति शी जिनपिंग ने शीर्ष चीनी नेताओं की परंपरा का पालन करते हुए सितंबर 2014 को अपने भारत दौरे के दौरान मनोरमा से मुलाकात की थी और उन्हें ‘फाइव प्रिंसिपुल्स ऑफ पीसफुल को-एग्जिस्टन्स फ्रेंडशिप अवार्ड’ से सम्मानित किया था।
मनोरमा पेशे से आहारविद् थीं। उन्होंने पूर्व में राज्य सरकार के साथ काम किया।
वर्ष 2013 में भारत दौरे पर आए चीन के राष्ट्रपति ली केकियांग ने मुंबई में मनोरमा से मुलाकात की और उनकी सेहत के बारे में पूछा।
केकियांग ने याद किया कि कैसे चीन द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान (1937-45) जापान के आक्रमण के बाद उत्पन्न हुए संकटों के वक्त द्वारकानाथ कोटणीस द्वारा की गई देशवासियों की सेवा को आज भी याद करता है।
वर्ष 1950 में कोटणीस परिवार के सदस्य पूर्व चीनी राष्ट्रपति झोउ एन लाई से मिले और 1996 में राष्ट्रपति जियांग जेमिन ने उनके लिए फूल भेजे।
वर्ष 2001 में चीन के राष्ट्रपति ली पेंग, 2002 में राष्ट्रपति झू रोंग्जी, 2006 में राष्ट्रपति हू जिताओ और 2014 में राष्ट्रपति शी जिनपिंग, कोटणीस परिवार से मिले।
तीन साल पहले (2012) कोटणीस की पत्नी गुओ किग्लन का चीन में निधन हो गया और उसी साल उनकी दूसरी बहन वत्सला भी चल बसीं। दोनों का निधन अधिक उम्र की वजह से हुआ था।
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