मुंबई, 6 जुलाई (आईएएनएस)। ग्रीस में रविवार को हुए जनमत संग्रह में कर्जदाताओं द्वारा बेलआउट को नकारने के बाद सोमवार को अपराह्न् के कारोबार में देश के शेयर बाजारों गिरावट देखी गई।
बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स अपराह्न् लगभग 2.20 बजे 55.25 अंकों की गिरावट के साथ 28,037.54 पर कारोबार करते देखा गया।
सेंसेक्स ने इस दौरान 28,085.70 के ऊपरी और 27,774.80 के निचले स्तर को छुआ।
इस दौरान नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी को 12.50 अंकों की गिरावट के साथ 8,472.40 पर कारोबार करते देखा गया।
जियोजीत बीएनपी पारिबा के तकनीकी रिसर्च डेस्क के सह-प्रमुख आनंद जेम्स ने आईएएनएस से कहा, “जनमत संग्रह के कारण बाजार जितना गिर सकता था गिर चुका। इस स्थिति की परिकल्पना बाजार ने पहले ही कर ली थी, इसलिए बाजार में और अधिक उतार-चढ़ाव की संभावना नहीं है। हालांकि जिन कंपनियों और सेक्टरों का ग्रीस से नाता है, उनमें उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है।”
जेम्स के मुताबिक, चीन के बाजार की गिरावट, मानसून की प्रगति और तिमाही परिणाम के आगामी दौर पर बाजार की अगली दिशा निर्भर करेगी।
जेम्स ने कहा, “ऐसा अनुमान है कि मौजूदा कारोबारी साल की पहली तिमाही का परिणाम गत कारोबारी साल की चौथी तिमाही से बेहतर रहेगा। कम महंगाई दर, मौद्रिक नीति की नरमी और रुपये में स्थिरता के कारण प्रथम तिमाही का परिणाम बेहतर रह सकता है।”
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसिस (टीसीएस) सर्वप्रथम नौ जुलाई को अपने परिणाम जारी करेगी।
दोपहर के कारोबार में बीएसई के स्वास्थ्य सेवा (1.35 फीसदी) और रियल्टी (0.76 फीसदी) सेक्टरों में सर्वाधिक तेजी देखी गई, जबकि धातु (0.94 फीसदी) और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (0.78 फीसदी) सेक्टरों में सर्वाधिक गिरावट दर्ज की गई।
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