सिलीगुड़ी, 7 जुलाई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल की सिलीगुड़ी पहाड़ियों में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन की घटना के बाद से यहां चलाए जा रहे बचाव अभियान को पूरा होने में अभी दो-तीन दिन दिनों का समय लग सकता है।
जिला आपदा प्रबंधन शाखा के प्रभारी अनिंद्य सरकार ने कहा, “हमें मलबे के नीचे से और शव बरामद होने की आशंका है। इस काम को पूरा होने में दो-तीन दिन लग जाएंगे।”
उन्होंने बताया कि दार्जिलिंग पहाड़ी में इस समय मौसम साफ है और हालात बचाव अभियान के पक्ष में काम कर रहा है।
अधिकारी ने बताया कि मंगलवार दोपहर तक 35 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि आठ लोग अब भी लापता हैं।
गंगटोक (सिक्किम) और सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल) को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 10 के कुछ हिस्से हालांकि बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं और सड़क की मरम्मत में वक्त लगेगा।
राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 10 पर सिलीगुड़ी से 7.5 किलोमीटर दूर शेती जोरा में सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई है। मानसून को देखते हुए यहां और भूस्खलन होने की आशंका जताई गई है।
जिला शाखा के एक अधिकारी ने पूर्व में कहा था, “राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 10 की मरम्मत में थोड़ा वक्त लगेगा। जब तक मानसून खत्म नहीं होता, स्थिति में सुधार नहीं हो पाएगा।”
अधिकारी ने हालांकि कहा कि राजमार्ग के कुछ हिस्सों में जोखिम के बावजूद वाहनों का आवागमन जारी है।
जनरल रिजर्व इंजीनियरिंग फोर्स राजमार्ग के मरम्मत के कार्य में जुटी हुई है।
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), राज्य आपदा प्रबंधन विभाग और सेना क्षेत्र में बचाव अभियान में जुटी हुई है।
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