भोपाल, 7 जुलाई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में केद्रीय मंत्री उमा भारती द्वारा व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) घोटाले की प्रारंभिक जांच में इंदौर पुलिस की अपराध शाखा की भूमिका पर उठाए गए सवाल का मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को अपने ही अंदाज में जवाब दिया है।
भोपाल, 7 जुलाई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में केद्रीय मंत्री उमा भारती द्वारा व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) घोटाले की प्रारंभिक जांच में इंदौर पुलिस की अपराध शाखा की भूमिका पर उठाए गए सवाल का मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को अपने ही अंदाज में जवाब दिया है।
शिवराज ने कहा कि “उमा भारती जब भाजपा में नहीं थीं तब भी मैंने उनके (उमा भारती) बारे में एक शब्द नहीं कहा था।”
उमा भारती ने सोमवार को व्यापमं घोटाले को वर्ष 2013 में इंदौर पुलिस की अपराध शाखा से मामला एसटीएफ को सौंपे जाने के बीच की अवधि की जांच पर सवाल उठाए थे। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री चौहान को सलाह दी थी कि किसी सक्षम एजेंसी से मामले की जांच कराई जाए।
उल्लेखनीय है कि व्यापमं घोटाले में कथित तौर पर उमा भारती का नाम भी आ चुका है।
उमा भारती के बयान पर मंगलवार को चौहान से जब संवाददाता सम्मेलन में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, “उमा भारती केंद्रीय मंत्री हैं, सम्मानीय नेता हैं। वह मेरी बहन हैं। मैं उनका बहुत आदर करता हूं। वह जब भाजपा में नहीं थीं, तब भी मैंने उनके बारे में एक शब्द इधर-उधर नहीं कहा था।”
शिवराज ने आगे कहा, “मैं आज भी उनकी बहुत इज्जत करता हूं। उन्होंने जो कुछ भी कहा होगा वह उनके अंतर मन की बात रही होगी।”
ज्ञात हो कि व्यापमं घोटाले का खुलासा इंदौर की अपराध शाखा ने किया था और उसके बाद ही मामला मुख्यमंत्री चौहान की पहल पर एसटीएफ को सौंपा गया था। उमा भारती का नाम भी व्यापमं घोटाले में आ चुका है। इससे उमा बहुत आहत हुई थीं। तब उन्होंने इस मामले की जांच सीबीआई से कराने तक की बात कही थी।
व्यापमं मामले में कई मौतों के बाद सोमवार को भी उमा ने चौहान को किसी सक्षम एजेंसी से जांच कराने की सलाह दी थी।
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