जेनेवा, 9 जुलाई (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायोग (यूएनएचसीआर) ने गुरुवार को कहा कि सीरिया के चालीस लाख से अधिक लोग युद्ध की वजह से देश छोड़कर चले गए हैं। इन्होंने पड़ोसी देशों में शरण ले ली है और जो लोग सीरिया में रह रहे हैं, उनकी स्थिति काफी दयनीय बनी हुई है। सीरिया संकट को विश्व में पिछले 25 सालों में सबसे भयावह संकट कहा जा सकता है।
एजेंसी द्वारा जारी रपट के मुताबिक, सीरिया के शरणार्थियों की कुल संख्या 4,013,000 है।
शरणार्थियों के संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त एंटोनियो गुटेरेस ने कहा, “एक पीढ़ी में यह अब तक की सबसे बड़ी शरणार्थी आबादी है। इस आबादी को विश्व का सहयोग मिलना चाहिए लेकिन लोग बुरी परिस्थितियों में रहने और गरीबी में जीने को मजबूर हैं।”
उन्होंने कहा, “सीरिाय की लगातार बिगड़ रही परिस्थितियों की वजह से ये शरणार्थी यूरोप और उससे आगे के क्षेत्रों की ओर बढ़ रहे हैं।”
एजेंसी का कहना है कि ये नए आंकड़े तुर्की में नए शरणार्थियों की संख्याओं पर आधारित हैं।
अकेले जून महीने में ही सीरिया के तेल अबयाद से 24,000 से अधिक लोगों ने तुर्की में शरण ली।
मार्च 2011 में सरकार के खिलाफ प्रदर्शनों के शुरू होने के बाद से सीरिया में 220,00 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
रपट के मुताबिक, कम से कम अतिरिक्त 76 लाख लोग सीरिया में ही विस्थापित हो गए हैं। इनमें से अधिकतर मुश्किल स्थितियों और दूरस्थ स्थानों में जी रहे हैं, जहां तक पहुंच पाना मुश्किल है।
यूएनएचसीआर ने 2015 के अंत तक यह आकंड़ा बढ़ कर लगभग 42.7 लाख तक पहुंचने का अनुमान जताया है।
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