ग्रीस : सिप्रास ने ऋणदाताओं के लिए कई रियायतें स्वीकारी

एथेंस, 11 जुलाई (आईएएनएस)। ऋणदाताओं के लिए ग्रीस सरकार के नए प्रस्ताव में यूरोजोन में बने रहने के लिए कई रियायतें शामिल की गई हैं। प्रधानमंत्री एलेक्सिस सिप्रास ने शनिवार को संसद में अपने भाषण में इस पैकेज के लिए समर्थन मांगा।

उन्होंने कहा, “मैं सच छुपाना नहीं चाहता। यूरो समूह में चर्चा में लाया गया समझौता हमारे कार्यक्रम से काफी अलग है।”

सिप्रास ने कहा कि ग्रीस के समक्ष दो बातें हैं। पहला कि फिलहाल उसके पास क्या है और दूसरा यह कि दो सप्ताह पूर्व उसके पास क्या था।

ग्रीस के यूरोजोन साझेदारों और कर्जदाताओं को इस सप्ताहांत में यह निर्णय करना है कि क्या ग्रीस द्वारा सौंपा गया यह प्रस्ताव उसे यूरोप में बनाए रख सकता है या नहीं।

फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा होलांद ने शुक्रवार को कहा था कि यह प्रस्ताव गंभीर और विश्वसनीय है।

सिप्रास ने दो सप्ताह पूर्व सांसदों को संबोधित करते हुए कहा था कि वह यूरोपीय संघ, यूरोपीय केंद्रीय बैंक और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी इस त्रिगुट के प्रस्ताव को खारिज कर रहे हैं। उन्होंने पांच जुलाई को जनमत संग्रह कराने का ऐलान किया था।

जनमत संग्रह में ग्रीस के 61 प्रतिशत से अधिक लोगों ने त्रिगुट के प्रस्तावों को सिरे से खारिज कर दिया था।

ग्रीस अब अतिरिक्त मितव्ययिता सुधार उपायों के लिए तीन साल के वित्तीय समझौते की मांग कर रहा है, जिससे संकेत मिलते हैं कि ग्रीस ने ईयू और ईसीबी के समक्ष घुटने टेक दिए हैं।

कर्जदाताओं ने 25 जून के प्रस्ताव के लिए पांच माह के समझौते की बात कही है।

सिप्रास का कहना है कि उनकी सरकार का लक्ष्य यूरोप में बने रहना ही नहीं, बल्कि समान रूप से यूरोप में रहना और काम करना है।

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