ऐस ने किया बर्खास्त किए जाने का दावा, बत्रा का इनकार (राउंडअप)

नई दिल्ली, 20 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय हॉकी टीम के मुख्य कोच पॉल वैन ऐस ने सोमवार को दावा किया कि हॉकी इंडिया (एचआई) ने उन्हें बर्खास्त कर दिया है, लेकिन एचआई के अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने इससे इनकार करते हुए कहा है कि इस संबंध में निर्णय अभी सप्ताहांत तक लिया जाएगा।

नई दिल्ली, 20 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय हॉकी टीम के मुख्य कोच पॉल वैन ऐस ने सोमवार को दावा किया कि हॉकी इंडिया (एचआई) ने उन्हें बर्खास्त कर दिया है, लेकिन एचआई के अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने इससे इनकार करते हुए कहा है कि इस संबंध में निर्णय अभी सप्ताहांत तक लिया जाएगा।

ऐस के मुताबिक उन्हें बेल्जियम में इस महीने आयोजित हॉकी वर्ल्ड लीग सेमीफाइनल के दौरान हॉकी इंडिया प्रमुख नरेंद्र बत्रा के साथ मैदान में हुई बहस के कारण बर्खास्त किया गया है।

ऐस ने नीदरलैंड्स के रॉटर्डम से फोन पर आईएएनएस से कहा, “मुझे बर्खास्त कर दिया गया है। मुझे हालांकि इस बारे में कोई आधिकारिक पत्र नहीं मिला है लेकिन मुझे यह कहा गया है कि ऐसा हो रहा है। मुझे इसकी जानकारी शुक्रवार से है और मैं इसे लेकर हैरान नहीं हूं। मैं आधिकारिक पुष्टि के इंतजार में हूं।”

वहीं बत्रा ने आईएएनएस से कहा, “अभी उन्हें बर्खास्त नहीं किया गया है। इस मुद्दे पर एचआई, साई के संपर्क में बनी हुई है। एचआई की एक विशेष समिति शुक्रवार को बैठक करेगी और शनिवार को समिति में लिए गए फैसले को सार्वजनिक किया जाएगा। समिति सिर्फ पुरुष टीम की ही नहीं बल्कि महिला हॉकी टीम के प्रदर्शन का भी मूल्यांकन करेगी।”

उल्लेखनीय है कि एचआई ने एचडब्ल्यूएल सेमीफाइनल्स में भारतीय पुरुष एवं महिला टीम के प्रदर्शन के मूल्यांकन के लिए रविवार को एक विशेष समिति का गठन किया।

समिति की अध्यक्षता हरबिंदर सिंह को सौंपी गई है, जबकि अन्य सदस्यों में बी. पी. गोविंदा, वी. बास्करन, ए. बी. सुब्बैया, थोइबा सिंह, आर. पी. सिंह, असुंता लाकड़ा और जसजीत कौर शामिल हैं।

समिति शुक्रवार को बैठक करेगी और आंकड़ों एवं तथ्यों की समीक्षा कर शनिवार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

ऐस को 30 जनवरी को टीम का कोच नियुक्त किया गया था। हिमाचल प्रदेश के शिलारू में जारी भारतीय खेल प्राधिकरण के फिनेटस कैम्प में ऐस को शामिल होना था। ऐसी अटकलें हैं कि ऐस भारत लौटकर कैम्प की जिम्मेदारी नहीं लेंगे क्योंकि हॉकी इंजिया ने उनके लिए वापसी का टिकट भेजा ही नहीं है।

ऐस ने कहा, “अगर हॉकी इंडिया ने मेरी वापसी का इंतजाम नहीं किया है तो फिर मैं कैसे लौटूंगा? कहानी कही जा रही है कि मैं नहीं लौटा हूं लेकिन यह सोचने वाली बात है कि अगर मेरी वापसी का टिकट ही नहीं भेजा गया है तो फिर मैं लौटूंगा कैसे?”

वहीं बत्रा का कहना है कि वैन ऐस झूठ बोल रहे हैं और उन्हें वापसी का टिकट भेज दिया गया है।

बत्रा ने कहा, “उनसे टीम के प्रदर्शन का मूल्यांकन कर 15 जुलाई तक रिपोर्ट पेश किए जाने की अपेक्षा थी। उसके बाद लगा कि वह 17 जुलाई को अपनी रिपोर्ट पेश करेंगे। उम्मीद थी कि वह वापस आएंगे। उन्होंने ऐसा कुछ भी नहीं किया और चारों ओर खबरें फैला रहे हैं कि उन्हें वापसी की टिकट नहीं भेजी गई। वह झूठ बोल रहे हैं। हमने उन्हें टिकट भेज दी है।”

यहां गौर करने वाली बात यह है कि साई द्वारा नियुक्त और उसके किसी कर्मचारी को हॉकी इंडिया बर्खास्त नहीं कर सकता लेकिन ऐस का कहना है कि हॉकी इंडिया ने साई के साथ बातचीत के बाद ही यह फैसला किया है।

वैन ऐस ने फोन पर तल्ख लहजे में कहा, “वे सब मिले हुए हैं, सब मिले हुए हैं। मुझे पता लगा है कि एचआई ने साई को एक मेल भेजा है। मुझे लगता है कि मेरे मामले में वे सब एकदूसरे से मिले हुए हैं।”

अपनी बर्खास्तगी के लिए जिम्मेदार घटना के बारे में पूछे जाने पर ऐस ने कहा, “मलेशिया के साथ हुए मैच के बाद बत्रा मैदान में घुसकर हिंदी में खिलाड़ियों को डांट रहे थे। मैंने उनसे कहा कि यह मेरा क्षेत्र है और अगर उन्हें खिलाड़ियों से कोई बात करनी है या फिर उन्हें खराब खेल के लिए डांटना है तो फिर मैदान के बाहर जाकर डांटे। यही बात शायद बत्रा को बुरी लग गई। मुझे बर्खास्त कर दिया गया। मेरी नजर में बर्खास्तगी का सिर्फ और सिर्फ यही कारण है।”

भारत ने एचडब्ल्यूएल क्वार्टर फाइनल में मलेशिया को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी लेकिन उसे वहां ब्रिटेन से हार मिली थी। भारत को चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा था।

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