नई दिल्ली, 23 जुलाई (आईएएनएस)। देश के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रस्तावित नए हवाई अड्डे की स्थित के संबंध में पर्यटन और नागरिक उड्डयन मामले के दो केंद्रीय मंत्रियों के बयान के बावजूद स्थिति अस्पष्ट है।
यहां गुरुवार को पर्यटन से संबंधित एक कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यटन मंत्री महेश शर्मा और नागरिक उड्डयन मंत्री अशोक गजपति राजू ने शिरकत की। कार्यक्रम में महेश शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी और उसके आसपास के क्षेत्र को एक नए हवाई अड्डे की जरूरत है। वहीं गजपति राजू ने कहा कि वे इस तरह के किसी भी प्रस्ताव से अनभिज्ञ हैं।
दोनों मंत्री कार्यक्रम के दौरान कुछ समय के लिए साथ रहे।
महेश शर्मा नागरिक उड्डयन मामलों के राज्य मंत्री भी हैं। इस बयान से दो दिनों पहले ही उन्होंने संसद को बताया था कि इस तरह के किसी भी प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी गई है। हालांकि यह अपने आप में विचित्र है, क्योंकि उन्होंने 26 जून को स्वयं इस संबंध में घोषणा की थी।
26 जून के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए गजपति राजू ने कहा, “इस संबंध में शर्मा से पूछिए। मंत्रालय को कोई भी सुझाव दे सकता है और लिख सकता है। मुझे नहीं पता कि इस मांग को मंत्रिमंडल के समक्ष रखना चाहिए अथवा नहीं।”
शर्मा ने गुरुवार को कहा, “दिल्ली में बहुत ज्यादा भीड़ है। आठ से 10 करोड़ की आबादी के आवागमन के लिए मौजूदा हवाई अड्डे पर ही पूरी तरह से निर्भर रहना पड़ता है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में एक अन्य हवाई अड्डे की जरूरत है।
शर्मा ने पहले इसके लिए दिल्ली से 100 किलोमीटर दूर स्थित जेवर के नाम का ऐलान किया था। लेकिन गुरुवार को उन्होंने कहा, “हमने जेवर पर अभी कोई फैसला नहीं लिया है। हमने राज्यों की सरकारों को पत्र लिखा है (भूमि के लिए), जैसे ही उत्तर मिलेंगे हम जगह पर फैसला कर लेंगे।”
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