अब नगर पंचायत और ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिना सेट टॉप बॉक्स के मनोरंजन चैनल लोगों को देखने को नहीं मिलेंगे। इसके लिए सूचना एवं प्रसाण मंत्रालय ने समय सीमा भी तय कर दी है। साथ ही एमएसओ के चयन और ग्रामीण इलाकों में सेट टॉप बॉक्स लगवाने के लिए एडीएम एफआर धनंजय शुक्ला को प्रभारी अधिकारी बनाया है।
शुक्ला ने बताया कि नगर पंचायत क्षेत्रों में इसी वर्ष दिसंबर तक व ग्रामीण क्षेत्रों में दिसंबर 2016 तक सेट टॉप बॉक्स लगेंगे।
उन्होंने बताया कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की संयुक्त सचिव आर. जया ने मनोरंजन कर विभाग एवं एडीएम एफआर के साथ हुई बैठक में ये निर्देश दिए हैं। ग्रामीण व नगर पंचायत क्षेत्रों में सेट टॉप बॉक्स लगाने की समय सीमा भी तय कर दी गई है। नगर पंचायत क्षेत्रों में दिसंबर 2015 तक और ग्रामीण क्षेत्रों में दिसंबर 2016 तक सेट टॉप लगाए जाएंगे। इसके बाद पूरी तरह से एनालॉग प्रसारण बंद कर दिया जाएगा।
शुक्ला ने बताया कि सेट टॉप बॉक्स लगाने के लिए एमएसओ का चयन भी मनोरंजन कर विभाग और एडीएम एफआर की टीम करेगी। सिर्फ डिजिटल मोड पर ही प्रसारित किए जाएंगे
एडीएम एफआर धनंजय शुक्ला ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में टीवी सिग्नल के वितरण सिर्फ डिजिटल मोड पर ही प्रसारित किए जाएंगे।
सेटेलाइट आधारित डिजिटल केबल टीवी वितरण प्लेटफॉर्म के जरिए 200 से 500 तक चैनलों का वितरण डायरेक्ट टु होम (डीटीएच) के माध्यम से किए जाने की योजना इस समय पूरे देश में चल रही हैं। खेल चैनलों से लेकर विभिन्न मनोरंजन चैनलों का प्रसारण अब सेट टॉप बाक्स के माध्यम से किए जाने की कंपनियों ने पहले ही घोषणा कर रखी है।
केबल टीवी संशोधन अधिनियम 2011 के तहत देशभर में फैले सभी केबल टीवी नेटवर्क पर टीवी सिग्नल के वितरण को सिर्फ डिजिटल मोड में वितरित करने की ही अनुमति दी गई है।
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