नई दिल्ली, 4 अगस्त (आईएएनएस)। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कड़ी प्रतिस्पर्धा का बेहतर ढंग से सामना करने के लिए अब भारतीय तीरंदाज योग की शरण में जाएंगे।
भारतीय तीरंदाजी संघ (एएआई) ने तीरंदाजों के योग प्रशिक्षण के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के विशेषज्ञ योग प्रशिक्षकों की मदद लेने का फैसला किया है।
एएआई के अध्यक्ष विजय कुमार मल्होत्रा ने मंगलवार को कहा, “हमारे तीरंदाज कौशल में विश्वस्तरीय हैं लेकिन कहीं न कहीं वे मानसिक दृढ़ता के मामले में विदेशी तीरंदाजों से पिछड़ जाते हैं। इसी कारण हमें इन्हें योग का प्रशिक्षण दिलाने का फैसला किया है।”
मल्होत्रा ने कहा कि उन्होंने इसके लिए साई से बात की है और साई अपने योग विशेषज्ञों को तीरंदाजों के प्रशिक्षण के लिए भेजने को तैयार है। मल्होत्रा ने इस सहयोग के लिए साई का धन्यवाद किया।
मल्होत्रा ने अपने सरकारी निवास पर कोपनहेगेन में आयोजित विश्व चैम्पियनशिप में दो रजत पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों और टीम अधिकारियों को सम्मानित किया।
मल्होत्रा ने रजत जीतने वाली महिला रिकर्व टीम की सदस्यों-दीपिका कुमारी, रिमिल बुरुले और लक्ष्मीरानी मांझी तथा पुरुष एकल कम्पाउंड स्पर्धा में रजत जीतने वाले रजत चौहान को सम्मानित किया।
इस अवसर पर मल्होत्रा ने कहा कि भारतीय तीरंदाजों ने देश का नाम रोशन किया है क्योंकि इससे पहले कभी भी विश्व चैम्पियनशिप के एक संस्करण में भारत ने दो पदक नहीं जीते थे।
महिला रिकर्व टीम फाइनल में रूस के खिलाफ 4-0 से आगे थी लेकिन इसके बाद वह पिछड़ गई और मुकाबला टाईब्रेकर तक जा पहुंचा। यहां भारतीय महिला तीरंदाज मानसिक दृढ़ता में पिछड़ गईं और 4-5 से मुकाबला हार गईं।
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