नई दिल्ली, 4 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) संसदीय दल ने मंगलवार को विपक्षी दल कांग्रेस पर संसद की कार्यवाही में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए उसकी निंदा की और उसकी ‘व्यवधानकारी एवं नकारात्मकता’ राजनीति के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित किया।
भाजपा ने एक बार फिर कहा कि कोई नेता कांग्रेस की मांग पर इस्तीफा नहीं देगा। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा के नेताओं ने शिरकत की।
केंद्रीय संसदीय कार्य राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, “संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कांग्रेस की व्यवधानकारी और नकारात्मकता की राजनीति के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया, जिसे भाजपा संसदीय दल ने सर्वसम्मति से पारित कर दिया।”
उन्होंने कहा, “कांग्रेस का यह रवैया उसकी खीझ दिखाता है। कांग्रेस पार्टी भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता को पचा नहीं पा रही है। सरकार विपक्ष की नकारात्मक राजनीति की परवाह किए बिना अपना काम जारी रखेगी।”
नकवी ने भाजपा नेताओं के इस्तीफे से भी इंकार कर दिया। उन्होंने कहा, “कोई इस्तीफा नहीं देगा। कांग्रेस सार्वजनिक रूप से उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रही है।”
नकवी ने कहा कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।
नकवी ने लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन द्वारा 25 कांग्रेसी सांसदों के निलंबन को भी सही ठहराया।
उन्होंने कहा, “अध्यक्ष ने सदस्यों को सदन में नारे लिखी तख्तियां दिखाने पर चेतावनी दी थी। कांग्रेस का उद्देश्य सत्र को जाया करना है, जो उन्होंने सत्र के पहले दिन ही साफ-साफ कह दिया था। हम इसकी अनुमति नहीं दे सकते।”
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