अंतरिक्ष में चीन के शोध की ऐतिहासिक उड़ान

वाशिंगटन, 4 अगस्त (आईएएनएस)। एक अमेरिकी फर्म और बीजिंग इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी के बीच हुए करार ने चीन को अंतरिक्ष में शोध का एक ऐतिहासिक अवसर प्रदान किया है। करार के तहत डीएनए पर शोध से जुड़े तंत्र को इससे संबद्ध सभी संसाधनों के साथ अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर भेजा जाएगा।

करार ह्यूस्टन स्थित नैनोरैक्स अंतरिक्ष फर्म और बीजिंग इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी के बीच हुआ है। प्रोफेसर डेंग यूलिन के नेतृत्व वाली चीन की टीम करार के तहत अमेरिकी फर्म को 200,000 डालर का भुगतान करेगी। बदले में इस शोध कार्यक्रम से जुड़े तंत्र को स्पेस एक्स ड्रैगन अंतरिक्ष यान से आईएसएस तक भेजा जाएगा।

प्रयोग इस बात पर होना है कि इनसान के डीएनए पर अंतरिक्ष विकिरण का क्या प्रभाव पड़ता है। अध्ययन पूरा होने के बाद इसके नतीजों को नैनोरैक्स अंतरिक्ष में अपनी प्रयोगशालाओं के जरिए चीन के शोधार्थियों तक पहुंचाएगा।

चीन की टीम की निगाह इस बात पर खास तौर से होगी कि अंतरिक्ष के पर्यावरण में इनसानी डीएनए के रूपांतरित होने की दर कितनी होती है। अगर यह बहुत अधिक हुई तो फिर इससे मानव के मंगल ग्रह तक जाने जैसे भावी अंतरिक्ष कार्यक्रमों पर विपरीत असर पड़ेगा।

अमेरिका ने चीन के साथ अंतरिक्ष के क्षेत्र में सहयोग पर रोक लगा रखी है। इसीलिए इस करार का अमेरिकी अंतरिक्ष संस्था से कोई लेना देना नहीं है।

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