निर्वासित तिब्बती संसद का चुनाव सोशल मीडिया में छाया

धर्मशाला, 12 अगस्त (आईएएनएस)। तिब्बत की निर्वासित संसद के चुनाव के लिए उम्मीदवारों के चयन हेतु होने वाले प्राथमिक चुनाव में अभी दो महीने बाकी हैं, लेकिन साइबरस्पेस पर इस चुनाव की गूंज अभी से सुनी और महूसस की जा रही है।

धर्मशाला, 12 अगस्त (आईएएनएस)। तिब्बत की निर्वासित संसद के चुनाव के लिए उम्मीदवारों के चयन हेतु होने वाले प्राथमिक चुनाव में अभी दो महीने बाकी हैं, लेकिन साइबरस्पेस पर इस चुनाव की गूंज अभी से सुनी और महूसस की जा रही है।

45 सदस्यीय निर्वासित संसद का चुनाव दो महीने बाद होने वाला है। लेकिन तिब्बतियों की दूसरी पीढ़ी में चुनाव को लेकर अभी से काफी उत्साह देखा जा रहा है। अब तक सौ दावेदार अपना नामांकन घोषित कर चुके हैं।

युवा और आकर्षक दिखने वाले पुरुष और महिला दावेदारों के पोस्टर सोशल नेटवर्किं ग साइटों पर बड़े पैमाने पर साझा किए जा रहे हैं। पोस्टर मैक्लियाडगंज की दीवारों पर भी बड़ी संख्या में नजर आ रहे हैं। मैक्लियाडगंज वह जगह है जहां लगभग 50 साल पहले चीन छोड़ने के बाद से तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा और हजारों तिब्बती रह रहे हैं।

चुनाव में अपनी बात पहुंचाने के लिए स्मार्टफोन-एप वीचैट और व्हाट्सएप का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है।

स्थानीय निवासी और सोशल साइट पर सक्रिय रहने वाले ताशी ने आईएएनएस से कहा, “प्रौद्योगिकी अब नया साधन है। अब हम दावेदारों से सीधे संपर्क कर सकते हैं। अब हमें अपनी पसंद तय करने के लिए समाचार पत्रों में विज्ञापन के छपने का इंतजार नहीं करना पड़ता। फेसबुक नए उभरते हुए नेताओं से भरा पड़ा है।”

अगर युवा प्रत्याशी सोशल साइट का सहारा ले रहे हैं तो अधिक उम्र के प्रत्याशी लोगों से निजी तौर पर मिलने के परंपरागत तरीके पर अधिक भरोसा दिखा रहे हैं।

चुनाव सिकयोंग (जिन्हें पहले प्रधानमंत्री कहा जाता था) और 45 सदस्यों का होना है। इस 16वीं निर्वासित संसद के लिए प्रत्याशियों का प्रारंभिक चयन 18 अक्टूबर को होगा। आम चुनाव अगले साल 20 मार्च को होगा। इसमें पूरी दुनिया में फैले तिब्बती हिस्सा लेंगे।

राजनैकि विश्लेषक तेनजिन न्येनदक ने कहा, “इस बार मैं देख रहा हूं कि चुनाव में युवा वर्ग की भागीदारी अधिक है। कुछ दावेदार सीधे-सीधे तिब्बत की ‘रंगजेन’ यानि आजादी की बात कर रहे हैं।”

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