नई दिल्ली, 15 अगस्त (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कहा कि उन्होंने ठीक एक साल पहले इसी अवसर पर लाल किले की प्राचीर से गरीबों के बैंक खाते खोलने की घोषणा की थी और एक साल के भीतर 17 करोड़ लोगों के बैंक खाते खोले गए, जिसमें 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जमा हुई है।
देश के 69वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि हालांकि जन धन योजना के तहत शून्य रकम पर खाते खोलने का प्रावधान है, ताकि बैंकिंग व्यवस्था से वंचित लोगों को भी इस प्रणाली से जोड़ा जा सके। फिर भी लोगों ने इसमें 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा की है।
उन्होंने कहा, “गरीबों के लिए बैंकों के दरवाजे बंद थे। मैंने कहा कि इसे बदलना होगा। हम वित्तीय समावेशन को मजबूत करना चाहते थे। गरीबों को वित्तीय प्रणाली में शामिल करने के लिए उनके बैंक खाते खोलना आवश्यक है और यही हमने किया।”
उन्होंने इतनी बड़ी संख्या में बैंक खाते खोलने के लिए बैंककर्मियों को भी बधाई दी। उन्होंने कहा, “17 करोड़ लोगों के बैंक खाते खोलना एक मुश्किल काम है। मैं बैंककर्मियों को इसके लिए बधाई देता हूं।”
मोदी ने कहा कि कोई भी व्यक्ति गरीब नहीं रहना चाहता और जो गरीबी में जीवनयापन को मजबूर हैं, वे भी बेहतर जीवन चाहते हैं। इसलिए हमारे सभी कार्यक्रम गरीबों के लिए होने चाहिए।
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