चीन के अभिलेखागार प्रशासन (एसएए) ने जापान के युद्ध अपराधियों के 31 हस्तलिखित इकरारनामों की सात श्रृंखलाएं ऑनलाइन प्रकाशित की हैं।
जापान के यामागुची प्रांत में 1919 में जन्मे इकुमा यामामूरा ने 1940 से 1945 के दौरान चीनी महिलाओं के साथ दुष्कर्म करने और चीनी नागरिकों की हत्या की बात स्वीकार की।
इकुमा द्वारा 1954 में दिए गए इकरारनामे के मुताबिक, उसने हुबेई, हुनान प्रांतों और गुआंगसी झुआंग स्वायत्त क्षेत्र में हमले के दौरान 12 से 50 साल तक की कम से कम 21 महिलाओं के साथ दुष्कर्म किया। उसने कंफर्ट स्टेशनों में अन्य 27 महिलाओं के साथ भी 43 बार दुष्कर्म किया।
उसने अपने इकरारनामे में स्वीकार किया है कि अगस्त, 1944 में हुनान प्रांत के लेयांग काउंटी की चाय बागान में चार चीनी महिलाओं ने शरण ली। इकुमा ने उनमें से एक महिला का घाटी की ओर पीछा किया और वह स्वयं को बचाने की जद्दोजहद में 30 मीटर ऊंची चट्टान से गिर कर मर गई। उसने 23 वर्षीय एक अन्य महिला को पकड़ा और बंदूक की नोक पर उसके साथ दुष्कर्म किया। वह जून 1940 में हुबेई प्रांत के जिंगमन काउंटी में चार चीनी किसानों की हत्या में शामिल रहे और अगस्त, 1944 में हुनान प्रांत के हेंगयांग काउंटी में चार और किसानों को गोली मार दी।
गौरतलब है कि द्वितीय विश्वयुद्ध की 70वीं बरसी पर आयोजित कार्यक्रमों के दौरान जापान के युद्ध अपराधियों के कुल 31 इकरारनामों को प्रतिदिन के हिसाब से ऑनलाइन प्रकाशित किया जा रहा है।
dharmpath.com dharmpath